शहादत के वक्त भावनाओं का ज्वार खूब उमड़ता है लेकिन वक्त बीतने पर शहीद परिवारों से किए वादों को पूरा होना अक्सर टेड़ी खीर रहता है। ऐसा ही कुछ हुआ पुलवामा में आतंकियों से जूझते हुए 21 जनवरी को शहीद हुए राहुल रैंसवाल के परिजनों के साथ।
शहीद राहुल रैंसवाल के नाम पर चंपावत जीआईसी का नाम एक सप्ताह में रखे जाने का भरोसा 25 जनवरी को शहीद के घर सांत्वना देने गए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शहीद के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल को दिया था। अब तक यह वादा अधूरा है। अब शहीद के पिता इस संबंध में एक सप्ताह के भीतर डीएम से मिलेंगे।
शहीद के पिता ने बेटे राहुल के नाम पर चंपावत जीआईसी का नाम रखने का 25 जनवरी को बाकायदा पत्र दे मंत्री से आग्रह किया था। मंत्री ने मुख्यमंत्री से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने का भरोसा दिलाया था। अब तक स्कूल का नाम नहीं बदला जा सका। शहीद के नाराज पिता का कहना है कि अब इसे लेकर वह डीएम से मिलेंगे और ज्ञापन देंगे।
वहीं सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि जीआईसी का नाम शहीद के नाम पर रखने को लेकर पत्र जनवरी में निदेशालय भेज दिया गया था। अभी हरी झंडी नहीं मिली है। डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि इस मामले में रिमांइडर भेजा जाएगा।
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पांच माह बाद भी धूल फांक रहा शासन का आदेश
चंपावत। देश की खातिर सर्वोच्च बलिदान करने वाले शहीदों के नाम पर चंपावत जिले की 16 सड़कों का नाम रखने के प्रदेश शासन के आदेश का पांच माह बाद भी क्रियान्वयन नहीं हो सका है। शासन ने शहीदों की स्मृति को बनाए रखने और सम्मान देने के लिए इस संबंध में पिछले साल सितंबर में बाकायदा जीओ जारी किया था।
आजादी के बाद से अब तक विभिन्न युद्धों और ऑपरेशनों में जिले में कुल 72 फौजियों ने शहादत दी। इनमें से 16 शहीदों (शहीद शिरोमणि चिलकोटी, जगत सिंह मौनी, ललित मोहन, मोहन चंद्र, दुर्गादत्त, नारायण सिंह, जय बहादुर चंद, शिवराज सिंह, श्याम सिंह, धानी सिंह, नवीन चंद्र, जमन सिंह, शेर सिंह, राम सिंह, पूरन सिंह और प्रकाश सिंह) के नाम पर विभिन्न सड़कों का नाम रखा जाना था। चंपावत खंड में 7 और लोहाघाट खंड में 9 सड़कों का नाम शहीदों के नाम पर रखा जाना था लेकिनन पांच माह बाद भी इन शहीदों के नाम के साइनबोर्ड नहीं लग सके हैं।
शहीदों को सम्मान देने के लिए शासन की ओर से दिए गए आदेश का अब तक क्रियान्वयन नहीं होना गंभीर है। इस मामले में लोनिवि के अधिकारियों को इसी माह साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए जाएंगे। सुरेंद्र नारायण पांडेय, डीएम, चंपावत।
शहीद राहुल रैंसवाल के नाम पर जीआईसी के नामकरण के साथ 16 शहीदों के नामों पर सड़कों के नाम रखे जाने में हो रही हीलाहवाली अनदेखी को दर्शाती है। दोनों मामलों में 29 फरवरी तक कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। महेश चौड़ाकोटी,
जिलाध्यक्ष, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन।
शहीद राहुल रैंसवाल के पिता वीरेंद्र सिंह रैंसवाल।- फोटो : CHAMPAWAT