चंपावत-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के स्वांला के पास बंद होने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। टनकपुर पहुंचने के लिए यात्रियों को रीठासाहिब, सूखीढांग होते हुए करीब 150 किमी अतिरिक्त सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
इससे उनके समय और जेब पर काफी मार पड़ रही है। सड़क बंद होने पर टैक्सी चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूला जा रहा है। लोग मजबूर होकर अधिक किराया देकर जाने को विवश हैं।
सोमवार को देवीधुरा-हल्द्वानी मार्ग खुलने के बाद छह बसों का संचालन किया। इससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। रोडवेज के एसएसआई भुवन चंद्र आर्या ने बताया कि नैनीताल, हल्द्वानी के लिए एक-एक और दिल्ली, देहरादून के लिए दो-दो बसों का संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि सड़क मार्ग अवरुद्ध होने से अभी तक डिपो को करीब 18 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा है।
राम सिंह, सुंदर राम, किशन चंद्र, दयाल नाथ, सीता देवी, सरिता आदि यात्रियों का कहना है कि पिछले चार दिनों से लोहाघाट-टनकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद है जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क बंद होने का खामियाजा यात्रियों और वृद्धों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द सड़क मार्ग खोलकर यातायात सुचारु करने की मांग की है।
स्वांला के पास सड़क बंद होने से डीजल-पेट्रोल की किल्लत
चंपावत। बारहमासी सड़क पर स्वांला के पास सड़क के बीते पांच दिनों से बंद रहने के कारण जिला मुख्यालय में डीजल-पेट्रोल की किल्लत होने लगी है। हालांकि देवीधुरा-हल्द्वानी मार्ग के खुले होने के कारण सब्जियों, खाद्यान्न और अन्य जरूरी चीजों की आवाजाही बनी हुई है। चंपावत और लोहाघाट में अभी रसोई गैस की आपूर्ति यथावत बनी हुई है।
बारहमासी सड़क पर बड़े वाहनों के साथ ही छोटे वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण जिला मुख्यालय के व्यवसायियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होटल और मिठाई विक्रेताओं के यहां पांच दिनों से सन्नाटा पसरा हुआ है। दूसरी ओर स्वांला के समीप अभी भी मार्ग की हालत खराब बनी हुई है। लगातार हो रहे भूकटाव के कारण वाहन चलाना तो दूर पैदल चलने का रास्ता भी नहीं बचा है।
बेलखेत से दियूरी सड़क को हाईवे का डायवर्जन बनाने का सुझाव
चंपावत। बारहमासी सड़क पर स्वांला के समीप चल रहे निर्माण कार्य से आए दिन लग रहे जाम और बंद से परेशान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने डीएम एसएन पांडेय को बेलखेत से दियूरी सड़क का मलबा हटवा कर इस रूट से हाईवे का डायवर्जन करने का सुझाव दिया है।
सोमवार को डीएम को सौंपे ज्ञापन में लोगों ने कहा कि कई जगहों पर निर्माण कार्य कराने वाली कंपनी की लापरवाही से लोग असमय काल के गाल में समा गए हैं। कहा कि स्वांला मंदिर के पास और बेलखेत के पास सड़क की हालत अत्यधिक खराब है। जगह-जगह पर मार्ग का डायवर्जन किया जा रहा है। लोग अपनी जान हथेली पर रख कर इन डायवर्ट रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे अच्छा हो कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कम खर्चे में विधायक निधि से बनाई गई बेलखेत से दियूरी सड़क को यातायात के लिए खोला जाए।
कहा कि कि दियूरी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क और धौन दियूरी मोटर मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ट्रैफिक नियमित रूप से चलता रहेगा और जगह-जगह पर बने डायवर्जन रूट से लोगों को निजात मिलेगी। देवीधुरा और डांडा ककनई सड़क मार्ग से जो डायवर्जन किया गया है उससे लोगों को अत्यधिक धन खर्च करना पड़ रहा है। टैक्सी व रोडवेज बसों में अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है।
डीएम को सुझाव देने वालों में धूरा जिला पंचायत सदस्य दीपा जोशी, ग्राम प्रधान दियुरी बालम सिंह बोहरा, क्षेत्र पंचायत सदस्य दियूरी सुंदर सिंह बोहरा, पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रकाश तिवारी, त्रिलोक गिरि, श्याम नारायण पांडेय, भाजपा मंडल अध्यक्ष कैलाश अधिकारी, रमेश भंडारी, कमल सिंह, सुरेश जोशी आदि शामिल रहे।
लोनिवि के ईई को दिए सर्वे कराने के निर्देश
चंपावत। डीएम एसएन पांडेय ने बेलखेत से दियूरी सड़क को बारहमासी सड़क का डायवर्जन मार्ग बनाने के संबंध में लोनिवि के ईई को जल्द सर्वेे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।