लोहाघाट (चंपावत)। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं में लंपी वायरस का प्रकोप तेजी से फैलता जा रहा है। लंबी वायरस की चपेट में आने से पशु लगातार बीमार पड़ रहे हैं। लोगों ने पशुपालन विभाग से रोग की रोकथाम के लिए पुख्ता कदम उठाने की मांग की है।
नेपाल सीमा से लगे कायल, मटियानी, लोजनी, सिरोड़ी, दसलेख के अलावा लोहाघाट नगर के आसपास के गांवों में भी लंपी वायरस पहुंच चुका है। यहां भी पशु बीमार होने लगे हैं। पशुपालन विभाग इलाज कर रहा है लेकिन इसके बावजूद जानवर बीमार पड़े हैं। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष मदन पुजारी ने कहा कि पशुओं में अज्ञात बीमारी फैली हुई है जिससे पशुओं को तेज बुखार आने के साथ उसके शरीर पर दाने हो रहे हैं। रोग की चपेट में आने से पशु दूध देना बंद कर दे रहे हैं और शारीरिक रूप से कमजोर पड़ रहे हैं। उन्होंने पशुपालन विभाग से जानवरों में फैली बीमारी का निवारण करने की मांग की।
इधर पशु चिकित्सक डॉ. डीके चंद ने कहा कि पशुओं में लंबी रोग फैला हुआ है। पशुपालन विभाग की टीम गांव-गांव जाकर बीमार पशुओं का इलाज कर आवश्यक दवाएं दे रही है। डॉ. चंद ने बताया कि रौंसाल क्षेत्र में लंपी वायरस का प्रकोप अधिक है। लोजनी, कायल, सुल्ला, पासम, मटियानी, रौंसाल, कमलेड़ी, डनगांव आदि गांवों में शिविर लगाकर बीमार पशुओं का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में भी बीमार पशुओं के लिए दवाएं बांटीं जा रही हैं। उन्होंने रोग के लक्षण दिखने पर पशुओं को पौष्टिक आहार देने पर जोर दिया।