चंपावत। जिले की महत्वपूर्ण छतकोट-चांदपुर सड़क का मिलान होने से क्वैराला घाटी क्षेत्र की बड़ी आबादी को लाभ मिलना शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था नेशनल पावर कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनपीसीसी) की ओर से क्वैराला नदी पर घुरचुम में पुल का कार्य पूरा होने के बाद यातायात शुरू हो गया है। अब इस क्षेत्र के लोगों को टनकपुर जाने के लिए 50 से 60 किमी तक अतिरिक्त सफर से राहत मिलेगी।
जिला मुख्यालय से 29 किमी दूर से कटी अमोड़ी-छतकोट सड़क का चांदपुर सड़क से मिलान हो गया है। इससे पूर्व तक क्षेत्र के घुरचम, अमपकड़िया, पडंगा, बूढ़ाखेत, सिप्टी, मटेला, पाली सहित विभिन्न गांवों के लोगों को टनकपुर जाने के लिए 105 किमी का सफर तय करना पड़ता था। सड़क पर यातायात शुरू होने से अमोड़ी बाजार क्षेत्र में भी लोगों के लिए सफर आसान होगा।
एनएच बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी होगा प्रयोग
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर छतकोट-चांदपुर सड़क का प्रयोग वैकल्पिक मार्ग के रूप में किया जा सकेगा। राजमार्ग पर यातायात बंद होने पर लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। मानसून के दौरान राजमार्ग विभिन्न स्थानों पर बाधित हो जाता है। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अमोड़ी-छतकोट-चांदपुर सड़क बनने से राष्ट्रीय राजमार्ग के बंद होने की सूरत में इसका वैकल्पिक मार्ग के रूप में प्रयोग किया जाएगा। संवाद
कोट
अमोड़ी-छतकोट-सड़क को चांदपुर सड़क से मिलान करने के बाद यातायात शुरू कर दिया गया है। नदी पर 80 मीटर लंबा पुल बनाया गया है। सड़क के बचे अन्य कार्य भी तेजी के साथ किए जा रहे हैं। - अभिषेक यादव, सहायक अभियंता, एनपीसीसी, चंपावत।
श्मशान घाट जाने वाले वैकल्पिक मार्ग से मलबा हटाने की मांग
लोहाघाट (चंपावत)। शवदाह स्थल तक वाहन जाने वाले वैकल्पिक मार्ग को बंद किए जाने पर लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। लोगों ने प्रशासन से बंद किए मार्ग को खोलने की मांग उठाई। ग्रामीण नरेश कन्नोजिया, दीपक जोशी, नरेश सिंह, मुकेश सिंह, रमेश चंद्र आदि ने कहा कि चंपावत मार्ग पर नलकूप के पास से लोहाघाट श्मशान घाट जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग है।
इस मार्ग से वाहन नदी तक जाया करते थे जिससे लोगों को शवदाह के लिए लकड़ियां ले जाने में काफी आसानी होती थी। करीब दो वर्ष पूर्व प्रशासन ने इस मार्ग पर अस्थायी पार्किंग का निर्माण कराया था जिसका मलबा इस वैकल्पिक मार्ग पर डाल दिया गया गया है। इससे अब वाहन श्मशान घाट के पास नदी तक नहीं जा पा रहे हैं।
लोगों ने बताया कि लकड़ी के टाल से पैदल दूरी अधिक होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार में आने वाले लोगों की संख्या कम होने के चलते लोगों को कई बार टाल के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उन्होंने प्रशासन से मार्ग से मिट्टी हटाने की मांग की है। संवाद