चंपावत कोआपरेटिव बैंक में पसरा सन्नाटा।
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कैश चेस्ट ने बुधवार को विभिन्न बैंकों को 65 लाख रुपए दिए।
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक हीरा सिंह पांगती ने बताया कि सार्वजनिक बैंकों को 25 लाख और ग्रामीण, सहकारी बैंकों को 40 लाख रुपए दिए गए। रकम मिलने से बैंकों को कुछ राहत मिली। मंगलवार से एक एटीएम से 500 रुपए के नोट निकल रहे थे, लेकिन बुधवार को लोग 500 रुपए के नोट के लिए तरस गए।
लीड बैंक प्रबंधक आनंद सिंह राव का कहना है कि बृहस्पतिवार तक दो अन्य एटीएम में 500 रुपए के नोट डाल दिए जाएंगे। वहीं प्राइवेट एजेंसियों द्वारा लगाए गए एटीएम में भी बृहस्पतिवार को रकम डालने की बात कही गई है।
स्वाइप मशीन आई, मगर शुरू नहीं हुई
कैशलेस भुगतान के लिए जिले को चार स्वाइप मशीन मिले हुए पांच दिन हो गए हैं, लेकिन ये मशीनें यहां शुरू नहीं हो सकी है। चंपावत के दो और लोहाघाट, टनकपुर के एक-एक पेट्रोलपंप में स्वाइप मशीन 17 दिसंबर को आ गई। पर ये मशीनें पांच दिन बाद भी शुरू नहीं हो सकी है। पेट्रोल पंप विक्रेताओं का कहना है कि बैंक अधिकारियों ने औपचारिक आगाज के बाद मशीन शुरू करने को कहा है, लेकिन अभी तक स्वाइप मशीन का औपचारिक श्रीगणेश नहीं हो सका है। मशीन का उपयोग करने से ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल में 0.74 प्रतिशत का लाभ होता, लेकिन यह फायदा फिलहाल ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा है।