टनकपुर (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डीएम और डीएफओ हल्द्वानी को बाढ़ प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्यों को मानसून से पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शीघ्र किरौड़ा नाले के चैनेलाइजेशन का कार्य शुरू किया जाए ताकि मानसूनकाल में लोगों को परेशानी न हो।
बीते शुक्रवार को सीएम कैंप कार्यालय में प्रबुद्धजन सम्मेलन और भेंट वार्ता में जिले में संभावित आपदा एवं बाढ़ से बचाव के कार्यों की समीक्षा की गई। कैंप कार्यालय के नोडल अधिकारी केदार सिंह बृजवाल ने बताया कि थ्वालखेड़ा, छीनीगोठ, उचौलीगोठ, गैंडाखाली, चंदनी, हेलागोठ, आनंदपुर, बमनपुरी, देवीपुरा, पचपखरिया, जगपुड़ा पुल, बेलखेत, अमोडी, बकोड़ा और बस्तिया (किरोड़ा नाला) आदि ग्राम पंचायतों में बाढ़ सुरक्षा कार्य प्रस्तावित हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने वन विभाग को गोचर और ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यकता वाले मार्गों पर आरबीएम भरान कराने के निर्देश दिए। सीएम ने सचिव आपदा प्रबंधन से वार्ता कर बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए तत्काल धनराशि आवंटित करने के निर्देश दिए। बताया गया कि नॉन एसडीआरएफ मद से जिला चंपावत को 1.5 करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। नोडल अधिकारी ने बताया कि कैंप कार्यालय की ओर से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। बैठक में डीएम नवनीत पांडे, डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी हिमांशु बागरी, हल्द्वानी कुंदन कुमार, चंपावत डॉ. नवीन चंद्र पंत मौजूद रहे।