ग्राम प्रधानों की 30 सीटों के आरक्षण त्रिस्तरीय पंचायतों की सीटों के आरक्षण की आपत्तियों की सुनवाई के बाद कुल 33 संशोधन किए गए। इसके लिए जिलाधिकारी सुरेंद्र नारायण पांडेय और अन्य अधिकारी शनिवार रात को माथापाच्ची करते रहे।
आरक्षण के प्रतिशत, जनगणना और समीकरणों के कई बार उलझते रहने से इसमें कई बार बदलाव करना पड़ा। आखिरकार ग्राम प्रधानों की 30 सीटों और जिला पंचायत सदस्य की तीन सीटों की आरक्षण की स्थिति बदल गई।
ब्लाक प्रमुखों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों की किसी भी सीट में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके बाद देर रात आरक्षण की इस अंतिम सूची को निदेशालय भेजा जा सका।
आरक्षण को लेकर आई आपत्तियों का विभिन्न विधिक पहलुओं को ध्यान में रखकर निस्तारण करने की बात कही गई है। जिला पंचायत की तीन सीटें पाटन-पाटनी, मटियानी और कानीकोट के आरक्षण की तस्वीर में परिवर्तन हुआ है।
इसी तरह ग्राम प्रधानों की सीट में खलकड़िया, सुयालखर्क, पिनाना, जैगांव जैतोली, बनबसा, टनकपुर, नायकगोठ, छीनीगोठ तल्ली, खुतेली, सिरतोली, लड़ी, बाजगांव, थापलागूंठ, गवाई, टकनागुरौ, कमलेख, मानरतल्ला, गोलडांडा, चिलनियां, अमोली, होली पिपलाटी, साल, खैसकांडे, सुदर्का, ढोरजा, मोत्यूराज, बसकुनी और जाखजिंडी, झिरकुनी और रैघांव प्रधान की सीट में बदलाव किया गया है।
चंपावत जिला पंचायत की इन तीन सीटों के आरक्षण की स्थिति में हुआ है बदलाव:
1.अनारक्षित सीट पाटन-पाटनी को अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित किया गया है।
2.अनुसूचित जाति महिला सीट मटियानी के स्थान पर कानीकोट को अनुसूचित जाति महिला आरक्षित सीट बनाया गया है।
3.पाटन-पाटनी के स्थान पर पहले एससी महिला घोषित मटियानी को अनारक्षित किया गया है।
जिला पंचायत की आरक्षित सीटें (कुल नौ सीटें): 1.महिला आरक्षित सीटें (पांच):भंडारबोरा, धूरा, शक्तिपुरबुंगा, राईकोट कुंवर और रैघांव।
2.अनुसूचित जाति महिला आरक्षित सीटें (दो):टनकपुर और कानीकोट।
3.अन्य पिछड़ा वर्ग महिला आरक्षित सीट (एक):खरही।
4.अनुसूचित जाति आरक्षित सीट (एक):पाटन-पाटनी तीन।
जिला पंचायत की अनारक्षित सीटें (कुल छह सीटें): भजनपुर, बिरगुल, पटनगांव, जनकांडे, फर्तोला और मटियानी।
चंपावत जिले में ग्राम प्रधानों की 30 सीटों में हुआ संशोधन:
1.चंपावत विकासखंड के ग्राम प्रधान सीटों में बदलाव (8):महिला आरक्षित खलकड़िया, सुयालखर्क, पिनाना व जैगांव जैतोली के प्रधान सीट को अनारक्षित कर इनके स्थान पर बनबसा, टनकपुर, नायकगोठ और छीनीगोठ तल्ली को महिला आरक्षित किया गया है।
2.पाटी विकासखंड के ग्राम प्रधानों में बदलाव (14):महिला आरक्षित सात सीटें खुतेली, सिरतोली, लड़ी, बाजगांव, थापलागूंठ, गवाई, टकनागुरौ को अनारक्षित बनाया गया है। इनके स्थान पर कमलेख, मानरतल्ला, गोलडांडा, चिलनियां, अमोली, होली पिपलाटी, साल ग्राम प्रधान को महिला आरक्षित किया गया है।
3.लोहाघाट विकासखंड के ग्राम प्रधान सीटों में बदलाव (6):खैसकांडे, सुदर्का औरा ढोरजा महिला आरक्षित सीट को अब अनारक्षित बनाया गया है। इसके स्थान पर मोत्यूराज, बसकुनी और जाखजिंडी महिला आरक्षित बनाई गई है।
4.बाराकोट विकासखंड के ग्राम प्रधान सीट में बदलाव (2): झिरकुनी के स्थान पर रैघांव में महिला आरक्षण। झिरकुनी अब अनारक्षित रहेगी।
सुंगरखाल में प्रधानी के लिए नहीं पड़ेंगे वोट
चंद्रशेखर जोशी
चंपावत। त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव कब होंगे, अभी यह किसी को पता नहीं है लेकिन चुनाव जब भी होंगे तो सुंगरखाल के लोग ग्राम प्रधान के लिए मतदान नहीं कर सकेंगे। ये उन ग्रामीणों की मतदाता के रूप में किसी अपात्रता की वजह से नहीं है बल्कि इस आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने के लिए एक से अधिक प्रत्याशी के नहीं होने से है।
बाराकोट विकासखंड के सुंगरखाल ग्राम पंचायत के प्रधान की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। कई ग्रामीणों ने इस पर आपत्ति भी लगाई लेकिन शनिवार को हुए निस्तारण में इस सीट में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह सीट अब भी आरक्षित है। ग्राम विकास अधिकारी एलएम पांडेय का कहना है कि सुंगरखाल ग्राम पंचायत में दो गांव (सुंगरखाल और लुवाकोट) हैं।
2011 की जनगणना के मुताबिक इस ग्राम पंचायत की आबादी कुल 695 है। इसमें अनुसूचित वर्ग का सिर्फ एक परिवार है। इसके अलावा शेष 689 लोग सवर्ण हैं। 2011 की आबादी के मुताबिक यह एकमात्र अनुसूचित जाति वाला परिवार था। कुछ समय पूर्व परिवार के मुखिया की मौत होने से अब अनुसूचित जाति के यहां पांच लोग रहते हैं।
सुंगरखाल ग्राम पंचायत में 297 महिलाओं सहित कुल 614 वोटर हैं। चुनाव लड़ने के लिए ग्राम पंचायत में दूसरे व्यक्ति के नहीं होने से यहां ग्राम प्रधान के लिए मतदान की नौबत नहीं आएगी।
नदेड़ा ग्राम पंचायत में पहाड़ का एक भी एससी परिवार नहीं
ग्राम पंचायत में आबादी से अधिक मतदाता
चंपावत। बाराकोट विकासखंड की एक और नदेड़ा ग्राम पंचायत में भी आरक्षण की विसंगति है। चार गांव नदेड़ा, पठलती भनार, भनार और बगौला गांव वाली नदेड़ा ग्राम पंचायत में 2011 की जनगणना के मुताबिक कुल 626 आबादी है। इसमें 591 सवर्ण वोटरों के अलावा एससी वर्ग के 30, ओबीसी वर्ग के 5 लोग शामिल हैं।
ग्राम विकास अधिकारी अनिरुद्ध पुनेठा का कहना है कि ग्राम पंचायत में एक भी एससी वर्ग का व्यक्ति नहीं है। जो 30 लोग इस जाति के हैं, ये सभी पांच परिवार उप्र व अन्य जिलों के कर्मी हैं। ऐसे में इस ग्राम पंचायत में भी चुनाव लड़ने के लिए प्रत्याशी मिलना टेड़ी खीर हो सकता है। वहीं दूसरी तरफ इस ग्राम पंचायत में कुल 310 महिलाओं सहित कुल 649 मतदाता हैं। वोटरों की ये संख्या 2011 की 626 की आबादी से 23 अधिक है।