गत दिनों बारिश से उफनाई शारदा ने स्नानघाट की शक्ल को और बिगाड़ कर रख दिया है। नदी के कटाव से घाट बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।
पर्वतीय क्षेत्रों की बारिश से शारदा का जल स्तर बढ़ जाता है। पहाड़ में बारिश होने पर उफनाई शारदा मैदान में खासी तबाही मचाती है। 2013 में आई आपदा ने जहां टनकपुर के गुंबदनुमा खूबसूूरत स्नानघाट की तस्वीर बदल दी, वहीं गत दिनों की बारिश से उफनाई शारदा ने घाट की तस्वीर को और बिगाड़ दिया है। हालांकि सिंचाई विभाग द्वारा घाट के पास करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित किए गए बंधा नुमा स्परों से इस बार नदी ने शारदा चुंगी कालोनी में ज्यादा तबाही नहीं मचाई, लेकिन नगर पालिका द्वारा दक्षिणी छोर के घाट की जैसे-तैसे मरम्मत कर स्नान लायक बनाया था जो गत दिनों की बारिश से फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। नदी के कटाव से घाट का फर्श न सिर्फ क्षतिग्रस्त हुआ है बल्कि फर्श नीचे से खोखला भी हो चुका है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि मां पूर्णागिरि के दर्शन को आने वाले यात्री पहले इसी घाट में स्नान कर धाम को रवाना होते हैं।