धरमघर के पास चंदाखोला में कूड़ा डालने का विरोध थम नहीं रहा है। रायकोट, कलीगांव, सेरीगैर, चांदमारी आदि गांवों के लोगों ने बृहस्पतिवार को प्रदर्शन किया। 15 दिनों के भीतर कूड़ा स्थल नहीं बदलने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।
लोगों ने तहसील परिसर में एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर उक्त स्थल में नगर पंचायत द्वारा कूड़ा डालने में रोक लगाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि इस जगह के नीचे अर्जुनपानी, बनस्वाड़ एवं रायकोट गांव के पेयजल स्रोत हैं। बारिश के दौरान सारा कूड़ा बहकर उनके श्रोतों में आने से पेयजल दूषित हो रहा है। दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारियों का अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीणों ने 15 दिन के भीतर कूड़ास्थल बदलने की मांग की। ऐसा न होने पर आमरण अनशन और धरना-प्रदर्शन करने की धमकी दी। बाद में ग्रामीणों ने एसडीएम कोर्ट से मीना बाजार होते हुए नगर पंचायत तक नारेबाजी कर जुलूस निकाला। जुलूस में शामिल दर्जनों ग्रामीणों द्वारा नगर पंचायत गेट में नारेबाजी की।
रायकोट महर की ग्राम प्रधान शांति देवी, कलीगांव के प्रधान मदन राम, पाटन-पाटनी के प्रधान सुभाष विश्वकर्मा, खुशाल सिंह मेहता, भगवान बिष्ट, नारायण पुजारी, पंकज मेहता, जोत सिंह, प्रदीप राय, ईश्वर राय, दिनेश पुजारी, भूपेश राय, सुनील राम, नवीन राम, मुकेश राम, दीपक राम, बलवंत तड़ागी, ईश्वर माहरा, सुरेश सिंह, महेश सिंह, प्रकाश मेहता, भीम सिंह, गिरीश कुंवर, महेश सिंह, विनीत सक्टा, बलवंत बोहरा, राहुल बोहरा, सीएस पुजारी, एलएस बिष्ट, अंबादत्त राय आदि शामिल थे।
शहर का कूड़ा 11 बजे तक एनएच पर
स्वच्छता अभियान मुहिम के बीच शहर का कूड़ा उठाना नगर पालिका के लिए चुनौती बन रहा है। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में बाजार का कूड़ा घंटों राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा रहा। शहर के बीचोंबीच दुुकानों के सामने ये कूड़ा बिखरा पड़ा रहा। इस वजह से न केवल शहर की खूबसूरती पर ग्रहण लगा, बल्कि दुर्गंध भी रही। लोगों का इधर से गुजरना कठिन हो रहा था। पूर्वाह्न 11 बजे बाद कूड़ा उठाने की कवायद चली। उधर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिनव कुमार का कहना है कि एक वाहन में खराबी आने की वजह से कूड़ा उठाने में देरी हुई। वाहन के ठीक होने के बाद कूड़ा उठाया जा सका।