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शारदा में फिर दुबारा खनन शुरू होने के आसार कम

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टनकपुर (चंपावत)। सरकार ने शारदा समेत राज्य की सात नदियों में खनन की अवधि फिर 31 जुलाई तक बढ़ा दी है, लेकिन इस बार शारदा में खनन दुबारा शुरू हो पाने की उम्मीद कम है। बारिश के कारण शारदा के बढ़ते जलस्तर के बीच सुरक्षा का खतरा होगा। वहीं यहां के खनन कारोबारियों में भी सरकार के इस फैसले से कोई उत्साह नहीं है। वन निगम की खनन इकाई भी दुबारा खनन शुरू कराने को लेकर असमंजस में है।
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कोरोना महामारी के कारण इस बार खनन से सरकार के राजस्व पर भारी असर पड़ा है। वहीं कारोबारियों की आजीविका भी प्रभावित हुई। लॉकडाउन में शिथिलता के बाद शारदा में खनन शुरू हुआ तो 30 मई को खनन की अवधि समाप्त हो गई थी, लेकिन राज्य सरकार के आग्रह पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मिली तो आठ जून से फिर खनन शुरू हुआ और 30 जून तक चला। अब सरकार ने फिर 31 जुलाई तक खनन खोलने का शासनादेश जारी किया है, लेकिन इस बार खनन अवधि बढ़ाए जाने से न तो यहां के खनन कारोबारी खुश हैं और न ही वन निगम की खनन इकाई। खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि शारदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और ऐसे में खनन शुरू कराने में सुरक्षा बाधक बनेगी। बढ़ते जलस्तर के बीच विभाग के पास सुरक्षित खनिज निकासी के कोई इंतजाम नहीं हैं। सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।
इधर मां शारदा शक्तिमान ट्रक यूनियन के अध्यक्ष आनंद सिंह महर अन्नी और वरिष्ठ खनिज व्यवसायी महेश सिंह का कहना है कि शारदा का जल स्तर बढ़ने के कारण ज्यादातर कारोबारियों ने अपने वाहन सरेंडर कर दिए हैं। फिर बढ़ते जलस्तर के बीच कोई भी कारोबारी अब जोखिम उठाकर खनिज निकासी करने के पक्ष में नहीं है। उनका मानना है कि अभी के बजाय अगली बार जल्दी खनन शुरू कराया जाना बेहतर होगा।
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