चंपावत। कोरोना काल में सात माह से अधिक समय तक स्कूलों के बंद रहने के बाद दो नवंबर को आखिरकार विद्यालय खुल जाएंगे। अलबत्ता अभी 10वीं और 12वीं कक्षा को ही खोला जाएगा। इसे लेकर शिक्षा विभाग और प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली गई है। स्कूलों को सैनिटाइज कर लिया गया है। उचित दूरी के पालन के लिए अधिक विद्यार्थियों वाले स्कूलों में दो पालियों (शिफ्ट) में कक्षाएं चलेंगी।
जीजीआईसी चंपावत को दो शिफ्ट में चलाया जाएगा। प्रधानाचार्या निधि सक्सेना ने शनिवार को सहयोगी शिक्षिकाओं के साथ विद्यालय संचालन को लेकर मंत्रणा की। छात्राओं की अधिक संख्या के चलते दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जाएगी। सुबह 10 बजे से 12:30 बजे तक 10वीं और 12वीं विज्ञान वर्ग की 102 छात्राओं की पढ़ाई होगी, जबकि दोपहर 12 बजे से ढाई बजे तक 12वीं कला वर्ग की 81 छात्राओं को पढ़ाया जाएगा।
निजी स्कूलों की तैयारी भी पूरी
जिले के हाईस्कूल और इंटर के निजी स्कूलों की तैयारी भी पूरी हो गई है। चंपावत के उदयन इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य विपिन पांडेय ने बताया कि स्कूल में कोरोना से बचाव के सभी उपाय किए गए हैं। अलबत्ता विद्यार्थियों की कुल संख्या के करीब 70 प्रतिशत अभिभावकों ने अपने पाल्यों को भेजने का सहमति पत्र दिया है। स्कूल न आने वाले विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं ली जाएंगी।
कोट
जिले के सभी 104 स्कूलों से मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) मिल गई है। कोरोना से बचाव के लिए जारी निर्देश के कारगर क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की टीम बनाई गई है।
- आरसी पुरोहित, सीईओ, चंपावत।
ये उपाय किये जाएंगे
थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग, छह फुट की दूरी। खेल और सामूहिक प्रार्थना कार्यक्रम नहीं होगा।
इंद्रपुरी में शिक्षकों और कर्मचारियों ने चलाया सफाई अभियान
लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना महामारी के चलते सात माह बाद विद्यालय खोलने के आदेश का अनुपालन करने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज इंद्रपुरी बाराकोट में शिक्षकों ने स्वच्छता अभियान चलाया। प्रधानाचार्य कुंदन सिंह बोहरा के नेतृत्व में शिक्षकों और कर्मचारियों ने विद्यालय परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर वहां उगी घास, झाड़ी, कूड़े का निस्तारण किया। कोरोना से छात्र-छात्राओं के बचाव के लिए विद्यालय को सैनिटाइज किया गया। इसमें तनुज उप्रेती, त्रिभुवन चंद्र पांडेय, भुवन चंद्र पंत, गणेश नाथ, हेमा माहरा, मीना ढेक, मीरा साह, मीनाक्षी मेहरा, चंद्रकांत कलौनी, चंद्रशेखर पांडेय, दिनेश नाथ, गोपाल सिंह, प्रमोद चंद्र आदि रहे। संवाद