जिले में उत्तराखंड वैकल्पिक ऊर्जा संस्थान (उरेडा) की ओर से वैकल्पिक ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्थानों पर चार किलोवाट क्षमता के 107 सोलर पावर प्लांट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग की ओर से लाभार्थियों के साथ एग्रीमेंट और बैंक गारंटी की औपचारिकताएं पूरा करना शुरू कर दिया गया है। इसमें उरेडा की ओर से लाभार्थियों को 90 फीसदी अनुदान पर सोलर पावर प्लांट लगाने की सुविधा दी जा रही है। सोलर पावर प्लांट लगाने वाले लाभार्थियों को प्लांट की लागत का महज दस फीसदी ही अंशदान के रूप में जमा करना होगा। यही नहीं सोलर पावर प्लांट से निर्मित की गई विद्युत ऊर्जा को लाभार्थी अपने उपयोग के बाद उत्तराखंड पावर कारपोरेशन के ग्रिड को बिक्री भी कर सकेगा।
उरेडा के परियोजना अधिकारी ओम कुमार के अनुसार विभाग की ओर से चार किलोवाट के सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए पूर्व में विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन मांगे गए थे। जिले में 107 सोलर पावर प्लांट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें लक्ष्य के अनुरूप आवेदकों का चयन कर उनके साथ अनुबंध किए जाने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्वीकृत परियोजनाओं के प्रस्तावों को बैंकिंग सहायता के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिन लाभार्थियों की ओर से बिना बैटरी के पावर प्लांट लगाए जाएंगे, उन्हें तीस हजार रुपए का बैंक ड्राफ्ट सुरक्षा गारंटी के तौर पर जमा करना होगा, जबकि बैटरी के साथ पावर प्लांट लगाने वाले लाभार्थियों को 50 हजार रुपए का बैंक ड्राफ्ट जमा करना होगा।
पथ प्रकाश में मददगार बनी सोलर स्ट्रीट लाइटें
उरेडा की ओर से जिले के दूरस्थ स्थानों पर लगाई जा रही सोलर स्ट्रीट लाइटें पथ प्रकाश में मददगार बनी हैं। इसके अलावा विभिन्न सरकारी कार्यालयों, आवासीय भवनों और धार्मिक महत्व के स्थलों पर लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइटों के स्वचालित होने के कारण इसकी देखरेख में ज्यादा व्यय भी नहीं आता है। यह स्ट्रीट लाइटें रात होते ही जलने लगती हैं और सुबह होते ही स्वत: बंद हो जाती हैं।