चंपावत। टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का स्थानांतरण कर चमोली जिले में भेजा गया है। शासन के उप सचिव अनिल जोशी की ओर से 19 दिसंबर को यह आदेश जारी किया गया है। शासन ने उनके स्थान पर किसी अधिकारी को नहीं भेजा है। जिला प्रशासन ने लोहाघाट की एसडीएम रिंकू बिष्ट को टनकपुर की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी है। उन्होंने मंगलवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया है। इधर कफल्टिया के तबादले से लोगों में गुस्सा है। उन्हाेंने जुलूस निकालकर स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की।
2016 बैच के उत्तराखंड पीसीएस टॉपर कफल्टिया सितंबर 2020 से टनकपुर में तैनात थे। उनकी पहली तैनाती जून 2020 में पाटी में रही। बेहद ईमानदार, तेजी से जन समस्याओं के निस्तारण और जन सुलभता की वजह से उनकी पहचान क्षेत्र में जनता के अफसर के रूप में है।
उन्होंने जिले में नागरिक पुस्तकालयों की शुरुआत की। टनकपुर, बनबसा सहित दूरदराज के क्षेत्रों में 12 पुस्तकालय की स्थापना की। वह वेतन की दस प्रतिशत राशि इस काम में लगाने के अलावा स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों को भी मदद के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
सीएम से तबादला निरस्त करने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के तबादले से लोगों में नाराजगी है। खासकर युवा, छात्र-छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षा कर रहे लोगों में गुस्सा है। नागरिक पुस्तकालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने इसके विरोध में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार से स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की। इसके अलावा जीबी पंत वेलफेयर फाउंडेशन, सियासी और सामाजिक संगठनों ने भी तबादले पर एतराज जताया है।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने कहा कि एसडीएम के प्रयास से लोगों के काम आसानी से हो रहे थे। पुस्तकालयों की स्थापना से पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा था। दस से अधिक पुस्तकालय में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ मिल रहा है।
जुलूस में कुमुद, दिनेश, अंकिता, अंजलि, अंकिता, निशा, पूजा, रेखा, दिव्या, मानसी, रोहित, मोहित, दीपक प्रसाद, विशाल, सौरभ सिंह, जय जोशी, मनीष आदि शामिल थे। वहीं कई संगठनों ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय प्रभारी राजपाल चौहान के जरिये सीएम को ज्ञापन भेजकर तबादला निरस्त करने की मांग की।
लोहाघाट एसडीएम के तबादले पर भी हुआ था विरोध
चंपावत। टनकपुर के एसडीएम हिमांशु कफल्टिया की बेहतरीन कार्यप्रणाली से प्रभावित लोग तबादले का विरोध कर रहे हैं। वैसे इसी साल जनवरी में चुनाव आचार संहिता से पहले लोहाघाट के एसडीएम कृष्णनाथ गोस्वामी के टिहरी स्थानांतरण पर भी लोगों में गुस्सा था। तब स्थानांतरण निरस्त करने की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतरे थे। संवाद