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चल्थी का अधूरा पुल रोक रहा एनएच की राह

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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर लटका चल्थी पुल। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क पूरी होने के करीब है लेकिन इस सड़क का अहम पड़ाव चल्थी पुल कब बनकर तैयार होगा, इसका कुछ पता नहीं है। पिछले साल अक्तूबर की अतिवृष्टि में क्षतिग्रस्त निर्माणाधीन पुल जहां का तहां पड़ा है। पहाड़ और मैदान को जोड़ने वाले इस पुल के पूरा नहीं होने से सड़क का काम भी अधूरा है। इसके चलते बारहमासी सड़क का काम पूरा होने की तिथि आगे बढ़ गई है। इधर, निर्माणाधीन पुल के टूटे हिस्सों को मरम्मत के लिए गाजियाबाद भेजा गया है।
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क परियोजना का काम नवंबर 2016 से शुरू हुआ। डेढ़ हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन 133 किलोमीटर लंबी सड़क का काम 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। पिछले साल अक्तूबर की आपदा में इस सड़क का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था जिसमें से काफी हिस्सा ठीक कर दिया गया है लेकिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग में सबसे महत्वपूर्ण चल्थी पुल का काम अभी लटका है।
वर्ष 2019 से एनएच पर चल्थी में लधिया नदी पर 120 मीटर लंबे और 14.90 मीटर चौड़े पुल के निर्माण का काम चल रहा था। 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और इस पुल को दिसंबर 2021 में तैयार होना था मगर अक्तूबर 2021 की आपदा में पुल के पांच जैक और दो फाउंडेशन टावर नदी में समा गए और नौ महीने बीतने के बाद भी निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ सका है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग खंड इस पुल के मार्च 2023 तक पूरा होने की उम्मीद जता रहा है। संवाद
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निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता पर उठे थे सवाल
चंपावत। तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 24 मई 2021 को बारहमासी सड़क के साथ निर्माणाधीन चल्थी पुल की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए थे। जिला प्रशासन ने जांच के लिए पिथौरागढ़ के अधीक्षण अभियंता के नेतृत्व में तकनीकी जांच टीम का गठन किया था। तीन सदस्यीय तकनीकी टीम की जांच पूरी होने से पहले ही अक्तूबर की आपदा ने भारी झटका दे दिया। जांच का भी कोई पता नहीं लगा।
पिछले साल अक्तूबर में हुई अतिवृष्टि से निर्माणाधीन पुल बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था। पुल के हिस्सों को मरम्मत के लिए गाजियाबाद भेजा गया है। ठीक होने के बाद इसे लाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। -सुनील कुमार, ईई, एनएच खंड लोहाघाट
साढ़े छह दशक पुराने पुल से नहीं गुजर सकते दो वाहन
चंपावत। यहां से 40 किमी दूर टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल्थी का पुराना पुल पहाड़ और मैदान की लाइफ लाइन है। वर्ष 1955 में बना 110 मीटर लंबा और दस फीट चौड़ा यह पुल 67 साल बाद भी काम आ रहा है। खंभों के सहारे के बगैर खड़े इस पुल का पूरा वजन उसके ऊपरी (धनुष आकार वाले ढांचे पर) हिस्से पर है लेकिन इस पुल की कम चौड़ाई के चलते एक साथ दो वाहन नहीं गुजर सकते।
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