पिथौरागढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक हैं। निर्वाचन आयोग इसकी तैयारी में जुट गया है और मतदान कर्मियों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीमांत जिले में पंचायत चुनाव निपटाने में कर्मियों की कमी आड़े आ सकती है। आंकड़ों के मुताबिक, जिले में पंचायत चुनाव संपन्न कराने के लिए 3516 पुरुष मतदान कर्मियों की जरूरत है। इसके सापेक्ष यहां 3886 पुरुष कर्मी तैनात हैं। यदि इनमें से कुछ कर्मी अस्वस्थ हुए या किसी भी कारण से मतदान प्रक्रिया से दूर रहे तो पंचायत चुनाव निपटाना चुनौती से कम नहीं होगा।
निर्वाचन आयोग पंचायत चुनाव के लिए मतदान कर्मियों की खोजबीन में जुटा है। सूचना विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, जिले में 796 मतदेय स्थलों में चुनाव संपन्न कराने के लिए 879 पोलिंग पार्टियां बनेंगी। हर पोलिंग पार्टी में पांच मतदान कर्मी शामिल रहेंगे। आंकड़ों से साफ है कि पंचायत चुनाव को संपन्न कराने के लिए 4395 मतदान कर्मियों की जरूरत है। जिले में वर्तमान में 5673 कर्मी तैनात हैं इनमें 3886 पुरुष और 1787 महिला कर्मी शामिल हैं। एक पोलिंग पार्टी में सिर्फ एक महिला कर्मी की ही तैनाती हो सकती है।
ऐसे में मतदान प्रक्रिया को अंजाम तक पहुंचाने के लिए 3516 पुरुष कर्मियों की जरूरत है। यदि किसी कारण कुछ पुरुष कर्मी मतदान प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सके तो निर्वाचन आयोग के लिए इनकी कमी से पंचायत संपन्न कराना चुनौती बन सकता है। संवाद
चुनाव ड्यूटी से नाम हटाने के लिए लगाने लगे हैं जुगाड़
सीमांत जिला आपदा की दृष्टि से संवेदनशील है। मानसूनी बारिश शुरुआत में ही आफत बनी है। हर साल मानसून काल में जिले की ग्रामीण सड़कें बंद होती हैं तो जगह-जगह भूस्खलन होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में पंचायत चुनाव संपन्न कराना निर्वाचन आयोग और मतदान कर्मियों के लिए चुनौती भरा होगा। मानसून काल में चुनाव होने से कई कर्मी मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बनने से बचने के लिए तिकड़म भिड़ाने लगे हैं। चुनाव ड्यूटी से नाम हटाने के लिए जुगाड़ लगने शुरू हो गए हैं।
कोट
जिले में जितने पुरुष कर्मी तैनात हैं, इसी के करीब चुनाव में उनकी जरूरत है। किसी कारण पुरुष कर्मियों ने मतदान प्रक्रिया में भाग नहीं लिया तो इनकी कमी हो जाएगी। चुनाव ड्यूटी के लिए पुरुष कर्मियों की अधिक जरूरत है। सिर्फ एक पोलिंग पार्टी में एक ही महिला कर्मी को शामिल किया जा सकता है। - गौरव कुमार, उप निदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, पिथौरागढ़।