गुमदेश का तीन दिवसीय चैतोला मेला परंपरागत पस्यारे के साथ संपन्न हुआ। मेले के अंतिम दिन मंगलवार को व्यापारिक मेले में लोगों ने जमकर खरीदारी की। दोपहर बाद हुई बारिश ने मेले की रौनक को कुछ फीका तो किया, लेकिन लोगों में उत्साह बना रहा। श्रद्धालुओं ने चमू देवता के दरबार में पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगीं।
व्यापारिक मेले में लोहाघाट, चंपावत, टनकपुर, बरेली, पीलीभीत, मुरादाबाद, हल्द्वानी, खटीमा आदि स्थानों से बड़ी संख्या में व्यापारी पहुंचे हुए थे। मंदिर में आए महिला और पुरुषों ने सामूहिक रूप से ढुस्कों का गायन कर भगवान चमू देवता की आराधना की। मेला कमेटी के अध्यक्ष पंडित शकर दत्त पांडेय ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। व्यापारी नन्हे लाल, राम सिंह, भरत लाल, राम भरोश आदि का कहना है कि उनका व्यापार अच्छा रहा।
मेले के अंतिम दिन नेपाल, पिथौरागढ़, चंपावत के अलावा मड़, शिलिंग, चौपता, नेवलटुकरा, बसकुनी, सिरकोट, जाख, जिंडी, डगला, कुंदछी, नूंघर, पुलहिंडोला, रौंसाल, दिगालीचौड़ आदि स्थानों से हजारों लोग पहुंचे हुए थे। मेले को शांति पूर्वक ढंग से संपन्न करने के लिए पंचेश्वर कोतवाली, लोहाघाट फायर ब्रिगेड की टीम जुटी हुई थी।
आयोजन में खीमराज धौनी, जोगा सिंह, विनोद धौनी, युगल किशोर धौनी, मनमोहन सिंह, नारायण पुजारी, नर सिंह धौनी, विकास पाटनी, तारा सिंह धौनी, भुवन धौनी, प्रदीप कलौनी, राकेश धौनी, गुमान प्रथोली, आनंद सौन, लक्ष्मण भंडारी आदि ने सहयोग किया।