पिथौरागढ़। सीईओ अशोक कुमार जुकरिया ने खंड शिक्षाधिकारियों को निजी विद्यालयों की ओर से लागू की गई पाठ्य पुस्तकों के मूल्य के संबंध में समय-समय पर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि निजी विद्यालय किसी भी प्रकार से विभागीय निर्देशों का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएं।
अभिभावक समय-समय पर निजी स्कूलों की मनमानी का मामला उठाते रहते हैं। अभिभावकों पर एनसीईआरटी से इतर अन्य प्रकाशकों की महंगी किताबों को खरीदने का दबाव बनाया जाता है। सीईओ ने बीईओ से कहा कि आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त विद्यालयों को छोड़कर अन्य सभी स्कूलों में लागू की जा रही पुस्तकें पूर्णत: एनसीईआरटी, सीबीएसई पाठ्यक्रम आधारित होनी जरूरी हैं। निजी विद्यालयों में पाठ्यक्रम के अनुरूप आवश्यक होने पर अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें इस शर्त के साथ लागू की जा सकती है कि उनका मूल्य एनसीईआरटी की किताबों के ही समान हो। साथ ही पुस्तकें एनसीईआरटी, सीबीएसई पाठ्यक्रम एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने निरीक्षण कर कारण बताओ नोटिस जारी करने और आवश्यकता होने पर निरीक्षण से संबंधित आख्या उच्चस्तर पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
260 रुपए का है एनसीईआरटी का सेट
पिथौरागढ़। एनसीईआरटी किताबों का सेट कक्षा एक से पांच तक करीब 260 रुपए का है। सूत्रों के अनुसार अभिभावक नर्सरी, केजी की किताबें ही तीन हजार रुपए तक खरीदने को विवश हैं। बताया जाता है कि एनसीईआरटी की जिस किताब का मूल्य 65 रुपए है निजी प्रकाशकों की वही किताब 400 से 600 रुपए की है।