कालापानी विवाद के बाद नेपाल ने सीमा के जर्जर हो चुके पुलिस भवनों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। राज्य सरकार ने सीता पुल पुलिस चौकी के निर्माण के लिए सात करोड़ जारी कर दिए हैं।
नेपाल अपने नक्शे में भारतीय क्षेत्र लिंपियाधूरा, कालापानी और लिपुलेख को दर्शाया है। नक्शा जारी करने के बाद सात बॉर्डर एरिया पोस्ट (बीओपी) भी बना चुका है। भारत से सटी नेपाल सीमा पर उसके बाद से ही सशस्त्र प्रहरी बल (एपीएफ) के जवान पेट्रोलिंग करने के साथ ही भारतीय क्षेत्र में नजर भी रख रहे हैं। नेपाल ने एपीएफ का हेडक्वार्टर खलंगा में बनाने और बीओपी में जवानों के रहने के लिए स्थायी भवनों का निर्माण भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश नंबर सात की सरकार ने सीमा पर स्थित प्रहरी चौकी के खस्ताहाल भवनों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
दार्चूला के विधायक गेल्बू सिंह बोहरा ने बताया सरकार ने भारत-नेपाल सीमा पर व्यास नगरपालिका वार्ड नंबर एक छांगरुमें पुलिस भवन निर्माण के लिए सात करोड़ रुपये के बजट का आवंटित कर दिया है। वहां पुलिस चौकी के नाम पर चार नाली जमीन होने बावजूद अभी तक कोई इमारत नहीं है। छांगरु के पूर्व में नीतिकुंडा के पास पहले से एक चौकी है। सरकार ने वर्ष 2020-21 के बजट के वार्षिक कार्यक्रम में पुलिस पोस्ट के भवन निर्माण को शामिल किया है। इस बारे में प्रक्रिया आंतरिक मामले और कानून मंत्रालय के माध्यम से आगे बढ़ रही है।
जीर्णशीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण के लिए पत्र भेजा
नेपाल ने दार्चुला से तिंकर सीमा तक पहले ही तीन प्रहरी चेकपोस्ट खोले हैं। तिंकर के छियालेख में बीओपी के नाम 213 रोपनी (110014 वर्ग मीटर) जमीन, सीतापुल प्रहरी चौकी के नाम चार रोपनी (2034 वर्ग मीटर), व्यास के नीतिकुंडा में दो रोपनी (1017 वर्गमीटर) भूमि है। 2013 में तिंकर के छियालेख में तस्करों ने पुलिस पोस्ट को जला दिया था। तब से प्रहरी जवान कष्टकर जीवन व्यतीत कर क्षतिग्रस्त भवनों में रह रहे हैं। पुलिस ने दार्चूला में सरकार से तिंकर और नीतिकुंडा में भी जीर्णशीर्ण भवनों के पुनर्निर्माण के लिए पत्र भेजा है।
व्यास के पास पुलिस पोस्ट भवन के निर्माण की औपचारिक सूचना मिल गई है। बजट के आवंटन की लिखित जानकारी अभी नहीं मिली है। जैसे ही सूचना आएगी, उसी आधार पर भवन निर्माण के काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
- पद्मबहादुर बिष्ट, डीएसपी, दार्चुला नेपाल।