बारहमासी सड़क (ऑलवैदर रोड) निर्माण में चंपावत व लोहाघाट के शहरी क्षेत्रों में दो बाइपास बनाए जाएंगे। चंपावत में 11 किलोमीटर और लोहाघाट में 10 किलोमीटर लंबी बाइपास सड़क बनाई जाएगी। इनके निर्माण से दोनों शहरों के निर्माण तो ध्वस्त होने से बच जाएंगे, मगर बाइपास के चलते करीब चार किलोमीटर की दूरी में बढ़ोतरी के अलावा काम में अधिक वक्त लगेगा। साथ ही लागत में भी करीब डेढ़ करोड़ का इजाफा होगा।
बारहमासी सड़क में दो बाइपासों के चलते करीब चार किमी की दूरी बढ़ जाएगी। इस कारण टनकपुर से पिथौरागढ़ एनएच की 150 किमी की दूरी बढ़कर 154 किमी हो जाएगी। फासला बढ़ने से करीब एक करोड़ रुपये की लागत में भी अंतर आएगा। मगर सबसे ज्यादा असर सड़क निर्माण में लगने वाली समय सीमा को लेकर हैं।इस वक्त बाइपास से गुजरने वाले गांवों का सर्वे भी पूरा नहीं हुआ है।
राष्ट्रीय राजमार्ग खंड लोहाघाट के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला का कहना है कि राजस्व, वन व एनएच खंड का संयुक्त सर्वे इस माह के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। जिसमें पेड़ों, जमीन और मुआवजे के दायरे में आने वाले लोगों का चिन्हीकरण होगा। इसके बाद विभिन्न अनापत्तियों, भूमिधरों को मुआवजा वितरण और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में चार माह और लगने की संभावना है। इन तमाम प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद ही टेंडर का कार्य हो सकेगी। वहीं लोहाघाट के बाइपास मार्ग पर बसे कई गांव के लोग इस बाइपास का विरोध भी कर रहे हैं।
बाइपास में आएगी 25 हेक्टेयर नाप जमीन
बाइपास के लिए इन दिनों मध्य बिंदु चिन्हीकरण (सेंटर लाइन मार्किंग) का काम चल रहा है। अमीन रामीराम ने बताया कि चंपावत बाइपास सड़क निर्माण के लिए 15.84 हेक्टेयर (792 नाली) नाप भूमि और 10.56 हेक्टेयर (528 नाली) बेनाप भूमि को चिह्नित किया गया है। लोहाघाट के 10 किमी लंबे बाइपास बनाने के लिए 10.56 हेक्टेयर (528 नाली) वन भूमि के अलावा 10 हेक्टेयर (500 नाली) नाप भूमि चिह्नित की गई है। बाइपास सड़क निर्माण के लिए 24 मीटर जमीन को अधिग्रहीत किया जा रहा है। जिसमें 12 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा।
इन गांवों से होकर गुजरेगा बाइपास
चंपावत में बनने वाले 11 किमी बाइपास का नया समरेखण बनाया गया है। एनएच से लगे मुड़ियानी गांव से बनने वाला यह बाइपास मार्ग चैकुनीबोरा, चैकुनी पांडेय, कफलांग, शक्तिपुरबुंगा, दुधपोखरा, नगरगांव, लिस्ता, लटोली में जवाहर नवोदय स्कूल के पास से घटोत्कच्छ मंदिर, गौड़ी मार्ग में गोल्फ कोर्स होते हुए तिलौन तक पहुंचेगा। यहां चार नए पुल भी प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं 10 किमी लंबे लोहाघाट बाइपास को डैंसली, कलीगांव, राइकोट महर, राइकोट कुंवर होते हुए पाटन-पाटनी पहुंचाया जाएगा। यहां से ये बारहमासी मार्ग मौजूदा एनएच से मिल जाएंगे।
कोट
21 किमी लंबे दोनों बाइपास में करीब आधे मार्ग में पुरानी संकरी सड़क हैं। जिसे चौड़ा किया जाएगा। वहीं शेष जगह पर सड़क की नई कटिंग की जाएगी। संयुक्त सर्वे के पूरा होने के बाद विस्तृत आगणन रिपोर्ट तैयार करने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।