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लोहाघाट अस्पताल में एक्सरे तक की सुविधा नहीं

Sun, 19 Feb 2017 10:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
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लोहाघाट सीएचसी में रोगियों का उपचार करते चिकित्साधीक्षक डा.मंजीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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 पब्लिक-प्राइवेट पाटनर्शिप (पीपीपी) मोड से सरकारी स्वामित्व में आने के तीन माह बाद भी अस्पताल की हालत बेहतर नहीं हो पा रही है। अब तक यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर की तैनाती नहीं हो सकी है। विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में एक्सरे जैसी मामूली सुविधा भी नहीं मिल पा रही है।
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लोहाघाट के सरकारी अस्पताल को 25 अक्तूबर 2013 को पीपीपी मोड में दिया गया था। व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने से लोगों ने आंदोलन किया। नतीजा यह हुआ कि नवंबर 2016 में फिर से अस्पताल को सरकारी स्वामित्व में लाया गया। मगर इसके बावजूद भी यहां के हालात नहीं बदले। इस वक्त भी सात डॉक्टर और फार्मेसिस्ट हैं। फिजीशियन, बाल रोग विशेषज्ञ, सर्जन, अस्थि रोग विशेष, रेडियोलॉजिस्ट, गायनोकोलोजिस्ट में से एक भी पद नहीं भरा जा सका है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से लोगों की दुश्वारी लगातार बढ़ रही है।  एक्सरे तकनीशियन न होने से एक्सरे तक की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसी तरह गर्भवती महिलाओं को भी अल्ट्रासाउंड के लिए निजी अस्पतालों में धन खर्च करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ.मंजीत सिंह का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से मरीजों को कई तरह का इलाज नहीं मिल पा रहा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए उच्चाधिकारियों को लगातार पत्र लिखा गया है।


जल्द शुरू की जाए एक्सरे की सुविधा
सुंई डुंगरी की नारायणी देवी का कहना है कि हड्डी रोग का डॉक्टर न होने से उन्हें प्राइवेट अस्पताल में मोटी रकम खर्च करनी पड़ी। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए जल्द से जल्द डॉक्टरों की तैनाती के साथ एक्सरे सुविधा शुरू की जाए।
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मायूस लौटते हैं दूरदराज के रोगी
सूंगरखाल (नेपाल) के धर्म सिंह मंगोला का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से दूरदराज से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले रोगियों को मायूसी मिलती है।

जन प्रतिनिधि करें सामूहिक पहल
छींड़ा रेगड़ू निवासी दीपक पालीवाल का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग के लिए जन प्रतिनिधियों को दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक पहल करनी चाहिए।

शीघ्र हो रेडियोलोजिस्ट की तैनाती
नगर पंचायत सभासद प्रवीण का कहना है कि अल्ट्रासाउंड की सुविधा न मिलने से गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिकता के आधार पर रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती की पहल की जाए।
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