अपनी सीमाओं तक ही आवाजाही करेंगे दोनों देशों के वाहन
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भारतीय वाहन के शीशे तोड़ने के बाद हुए भारतीय टैक्सी चालकों के प्रदर्शन से नेपाल प्रशासन जागा और उसने मंगलवार को प्रशासन, टैक्सी मालिकों और चालकों के साथ बैठक की, जिसमें तय हुआ कि दोनों देशों के वाहन अपनी सीमाओं तक ही आवाजाही करेंगे।
भारतीय टैक्सी चालकों ने सहमति जताते हुए नेपाली टैक्सी वाहनों के भारत प्रवेश पर रोक लगाने की मांग उठाई। बाद में नेपाल प्रशासन ने नेपाल टेंपो श्रमिक यूनियन द्वारा भारतीय वाहनों से अवैध उगाही पर रोक लगाने के निर्देश दिए। नेपाल प्रशासन ने भारतीय वाहन के शीशे तोड़ने वाले पर कार्रवाई करने और नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन दिया। नेपाल के एसपी ने भारतीय टैक्सी चालकों से किसी भी समस्या के समाधान का भी भरोसा दिलाया।
बता दें कि सवारियों को बैठाने को लेकर सोमवार को नेपाली प्राइवेट वाहन चालकों ने भारतीय टैक्सी स्वामी दीपक वैज पुत्र स्व. रमेश चंद्र वैज के वाहन (यूके 03 टीए-0917) पर पथराव कर वाहन के शीशे तोड़ दिए थे। वाहन चालक के साथ मारपीट भी की। इसके विरोध में देर शाम भारतीय टैक्सी चालकों ने नेपाल सीमा पर प्रदर्शन भी किया। उनकी मांग थी कि नेपाल प्रशासन भारतीय वाहन के शीशे तोड़ने वाले पर कार्रवाई करे, भारतीय वाहनों को सुरक्षा दे, नेपाली संगठनों द्वारा वसूली जा रही रंगदारी पर रोक लगाए और भारतीय वाहन चालक के नुकसान की भरपाई करे। मंगलवार को बैठक में मसले का हल निकालने के बाद देर रात्रि भारतीय टैक्सी चालकों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया था। साथ ही मंगलवार को हुई बैठक में भी समस्या का समाधान निकाला गया।
बैठक में नेपाल के प्रशासनिक अधिकारी शिवदत्त अवस्थी, एसपी तुलसी प्रसाद अधिकारी, आरटीओ खीम चौधरी, इंस्पेक्टर एकेंद्र बहादुर खड़का, भारतीय पक्ष से कस्टम अधीक्षक एनके श्रीवास्तव, सीओ राजन सिंह रौतेला, थानाध्यक्ष विनोद यादव, शारदा बैराज चौकी प्रभारी बीएम उप्रेती, एलआईयू प्रभारी भाष्कर बडोला, के अलावा भारत-नेपाल टैक्सी यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद थे। लंबे समय से नेपाल टेंपो यूनियन भारतीय टैक्सी मालिकों से 150 रुपये और नेपाल श्रमिक यूनियन 10 रुपये वसूल करता आ रहा था। नेपाल प्रशासन ने इसे गलत बताते हुए रोक लगा दी है।