26 नवंबर तक होगी जमीन विनियमितीकरण की प्रक्रिया
- फोटो : अमर उजाला
जिले में वर्ग -4 की भूमि पर काबिज कब्जों का विनियमितीकरण 26 नवंबर तक होगा। बुधवार को जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी की अध्यक्षता में एसडीएम और तहसीलदार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि निर्धारित शर्तो को पूरा करने वाले कब्जेधारकों को भूमि अधिकारी दिलाने के लिए प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
काश्तकारों को वर्ग-4 में आने वाली उनकी भूमि और उसके विनियमितीकरण के लिए नजराना, लगान के रूप में तत्कालीन सर्किट रेट के हिसाब से जमा की जानी वाली जरूरी रकम की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बताया गया कि जिन काश्तकारों ने दिसंबर 1989 से पूर्व संपूर्ण रकम जमा कर दी है, उन्हें बिना अतिरिक्त नजराना लिए भूमि के अधिकार दिए जाएंगे। वहीं जिनका नाम वर्ग-4 में दर्ज है और उसका कब्जा 30 जून 1989 से पूर्व का है। ऐसे लोगों को सर्किल रेट के आधार पर नजराना जमा कराना होगा। इसके अलावा 28 दिसंबर 2006 के छूटे काश्तकारों को भी विनियमितीकरण भूमिधरी को दुबारा देने की प्रक्रिया चलेगी। बीपीएल, अंत्योदय, एससी-एसटी के पट्टेधारकों से कोई धनराशि नहीं ली जाएगी। बैठक में एसडीएम सदर भगत सिंह फोनिया, लोहाघाट के सीएस डोभाल, पाटी के निर्मला बिष्ट, टनकपुर के एसडीएम नरेश दुर्गापाल, कलक्ट्रेट की प्रभारी अधिकारी सीमा विश्वकर्मा, तहसीलदार बीएस महरा, नीलू चावला आदि मौजूद थे।
टनकपुर में 38 लोगों का हो चुका विनियमितीकरण
चंपावत। टनकपुर में 50 में से 38 लोगों की वर्ग-4 की जमीन का विनियमितीकरण हो चुका है। उप जिलाधिकारी नरेश दुर्गापाल ने बताया कि 12 प्रकरण 2006 के बचे हैं। इसके अलावा 5 प्रकरण इस वक्त के हैं। लोहाघाट में श्रेणी-4 के जेडए के 8 गांव में 164 लोग चिन्हित हैं। इसमें से 63 लोगों ने आवश्यक कार्यवाही के लिए नजराना जमा किया है। पाटी में 14 चिन्हित लोगों में से अभी तक दो ने ही आवेदन किया है। चंपावत में चौकी गांव के 14 लोगों में से एक ने ही आवेदन किया है।