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नेपाल में अपमान से खफा हैं बनबसा के व्यापारी

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आपातकालीन बैठक करते बनबसा के व्यापारी। - फोटो : TANAKPUR
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बनबसा (चंपावत)। स्थानीय व्यापारियों ने मित्रराष्ट्र नेपाल के प्रशासन और नागरिकों ेंपर अपमानजनक व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने सोमवार को आपात बैठक कर नेपाल प्रशासन और नागरिकों से मित्रवत व्यवहार की मांग की।
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बैठक में व्यापारियों ने नेपाल प्रशासन, नागरिकों पर भारतीय कारोबारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार पर नाराजगी जताई। कहा कि नेपाल से प्रतिदिन सैकड़ों नेपाली नागरिक बिना कोरोना जांच कराए भारत आ रहे हैं। बनबसा के चार-पांच व्यापारी बकाया वसूली के लिए नेपाल जाते हैं, लेकिन नेपाल प्रशासन भारतीय व्यापारियों के साथ अपमानजनक व्यवहार कर रहा है। सप्ताहभर पहले बकाया वसूली को नेपाल जा रहे बनबसा के चार कारोबारियों को भारतीय कहकर टैंपो से उतार दिया गया। पानी पीने के लिए हैंडपंप, नल पर हाथ नहीं लगाने दिया गया। व्यापारियों ने प्रशासन को ज्ञापन भेजकर नेपाल प्रशासन से इस समस्या का समाधान कराने की मांग की। बनबसा के गढ़ीगोठ सीमा से नेपाल के चांदनी, दुधारा क्षेत्र से तस्कर नेपाल को आम जरूरत के सामान समेत भारतीय किसान को देय सब्सिडी वाली खाद तक पहुंचा रहे हैं।
व्यापारियों ने तस्करी रोकने में एसएसबी की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाया। व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी की अध्यक्षता में महामंत्री संजय पारीक ने संचालन किया। बैठक में व्यापार मंडल प्रदेश मंत्री शंकर लाल वर्मा, व्यापार मंडल जिला उपाध्यक्ष संजय अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष जगजीत सिंह गांधी, पूर्व अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी, अभिषेक गोयल, देवकीनंदन जोशी, देवीदयाल गर्ग, श्याम सुंदर गोयल, रामदत्त गोयल, सूरज रौतेला, कमल जैन, हर्षित गोयल, दिनेश गड़कोटी, हरीश गहतोड़ी आदि थे।
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