चंपावत जिले के नायल ग्राम पंचायत में श्रमदान से कच्चे तालाब का निर्माण करते युवा।
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चंपावत। जिले में लगातार बढ़ रहे पानी के संकट से निपटने के लिए जहां प्रशासनिक उपाय बेहद नाकाफी साबित हो रहे हैं। वहीं जिले के नायल ग्राम पंचायत के युवाओं ने पेयजल संकट से निपटने के लिए श्रमदान की अलख जलाकर अनूठी मिसाल पेश की है। युवाओं ने श्रमदान के जरिये पालतू जानवरों के पानी पीने और कपड़े और बर्तन धोने के लिए पानी का इंतजाम करने के लिए कच्चे तालाबों का निर्माण किया है। ग्राम पंचायत में अब तक पीने के पानी के लिए जल निगम अथवा जल संस्थान की ओर से कोई भी पेयजल योजना नहीं बनाई गई है। इसके चलते ग्राम पंचायत में स्थित एकमात्र नौले से ग्रामीणों की पानी की आवश्यकताएं पूरी होती थी। लेकिन बीते एक माह से गर्मी की दस्तक देने के साथ ही नौले का जल स्तर गिरने से बढ़ती पेयजल किल्लत ने गांव के युवाओं को कुछ नया उपाय सोचने के लिए विवश कर दिया। युवाओं ने श्रमदान के माध्यम से खुद ही पानी के कच्चे तालाब बनाकर पालतू पशुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करने में सफलता प्राप्त की है। नायल गांव के युवाओं की श्रमदान से पेयजल संकट से निपटने की मुहिम से आसपास के अन्य गांवों के युवा भी प्रेरित हो रहे हैं।
श्रमदान में शामिल रहे ये ग्रामीण युवक
चंपावत। नायल ग्राम पंचायत में श्रमदान के माध्यम से पानी के कच्चे तालाब बनाने वाले युवाओं में रामदत्त भट्ट, प्रकाश चंद्र भट्ट, प्रभात भट्ट, दीपक चंद्र भट्ट, रमेश चंद्र भट्ट, दिनेश चंद्र, हरीश भट्ट आदि शामिल हैं। (संवाद)
घुरचुम में चलाया जल जागृति अभियान
चंपावत। जिले के क्वैरालाघाटी स्थित घुरचुम ग्राम पंचायत में जल है तो कल है अभियान के तहत पहली बार जल जागृति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पीएलवी प्रकाश जोशी के नेतृत्व में नारायण दत्त, राम दत्त, पान देव, सुरेश चंद्र, जगदीश चंद्र, लालमणी, प्रकाश चंद्र, योगेश आदि ने गांव में घूम घूम कर ग्रामीणों को पानी की एक एक बूंद बचाने के लिए जागरूक किया गया। (संवाद)