चंपावत। चंपावत जिले में अगले एक साल में सभी ग्राम पंचायतों को अपने भवन मिल जाएंगे। भवनविहीन सभी 12 पंचायतों के लिए जमीन के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पंचायतघर बनने से कार्यों में आने वाली समस्या दूर सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकतर कार्यों की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। चार ब्लॉक वाले इस जिले की 313 ग्राम पंचायतों में से 12 के पास अपने पंचायत भवन नहीं हैं। इन पंचायतों का काम दूसरे विभाग के भवन से चल रहा है। खुद का कार्यालय भवन नहीं होने से पंचायतों के कार्यों में समस्या उत्पन्न होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले साल अगस्त में जिले की सभी भवनविहीन पंचायतों के लिए भवन की घोषणा की थी। अब इन भवनविहीन पंचायतों के अपने भवन की कवायद आगे बढ़ी है। सभी 12 पंचायतघरों के लिए जमीन चयनित कर ली गई है। इन पंचायतों को भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया की जा रही है। दस लाख-दस लाख रुपये से पंचायत भवन का निर्माण कराना होगा।
पंचायतों के ये हैं प्रमुख काम:
राशनकार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, एमडीएम से लेकर तमाम विकास के कार्य ग्राम पंचायतें संचालित करती हैं।
चंपावत जिले में इन 12 ग्राम पंचायतों में बनने हैं नए पंचायत भवन:
टनकपुर, मोहनपुर, सल्ली, नायल, हरम, बिचई, मंच, पुनेठी, ढकना बडौला, कठनौली शक्तिपुरबुंगा और बस्टिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के एलान के बाद चंपावत जिले में 12 भवनहीन पंचायतों में पंचायतघर बनाने के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। पंचायत को भूमि हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। हर पंचायत भवन के निर्माण के लिए शासन से दस लाख रुपये दिया जाएगा।
रामपाल सिंह, डीपीआरओ, चंपावत।