पाटी के रौलमेल गांव का विभागीय आवासीय भवन।
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चंपावत। डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के तीन भवन कब उपयोग लायक होंगे, इसका किसी को नहीं पता। चंपावत और पाटी ब्लाक में बने कृषि और सामुदायिकता से संबंधित ये भवन पिछले तीन वर्ष से बंद हैं। इन बंद भवनों के ताले खुलने का अब भी इंतजार है। वहीं कृषि विपणन से संबंधित काम दूसरी जगह से संचालित किया जा रहा है। ये भवन अब तक उपयोग लायक क्यों नहीं बन सके, इसका जवाब न कृषि विभाग के पास है और न ही विकासखंड के पास।
पाटी ब्लॉक के सांसद आदर्श गांव रौलमेल में 2015-16 में 48.78 लाख से सामुदायिक भवन और कृषि विपणन केंद्र, और 37.11 लाख रुपये से ग्राम विकास अधिकारी व सहायक कृषि अधिकारी के आवास बनाए गए। पाटी में एक भवन का उपयोग दो अधिकारियों के आवास और दूसरे का उपयोग कृषि उपकरण, बीज, खाद आदि की बिक्री के अलावा गोदाम के लिए होना था, लेकिन ये दोनों भवन अब तक उपयोग में नहीं लाए जा सके। बीडीओ डॉ. अमित ममगाई का कहना है कि इन भवनों का जल्द उपयोग किया जाएगा।
इसी तरह चंपावत के खर्ककार्की गांव में भी 45 लाख रुपये से सामुदायिक भवन विपणन केंद्र बनाया गया। इनका विधिवत हस्तांतरण भी हो गया। लेकिन विपणन केंद्र का उपयोग आज तक नहीं हो सका है। अलबत्ता चंपावत के आवासीय भवन में दो कर्मी रह रहे हैं। वहीं 20 लाख से अधिक की रुपये से बने सिप्टी केंद्र को भी उपयोग का इंतजार है। संवाद
एनजीओ को दी है सिप्टी विपणन केंद्र भवन
सिप्टी न्याय पंचायत क्षेत्र में बने विपणन केंद्र का भी समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। इसका लाभ खेती-किसानी और ग्रामीण क्षेत्र के लिए नहीं हो पा रहा है। एबीडीओ बीबी जोशी का कहना है कि इस भवन का एक हिस्सा गैर सरकारी संगठन और दूसरे हिस्से का उपयोग यदा कदा महिलाओं की बैठक के लिए होता है।
कोट
चंपावत के इस विपणन केंद्र का उपयोग महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों के कारोबार और निर्मित सामग्रियों की आपूर्ति के रूप में किया जाएगा, जबकि आवासीय भवन में दो महिला कर्मियों को आवंटित किए गए हैं। वहीं सड़क से 50 मीटर दूर चंपावत के विपणन भवन तक सड़क बनाने की भी कवायद की जा रही है।
बीबी जोशी
एबीडीओ, चंपावत।