नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। क्रिटिकल केयर ब्लॉक (सीसीबी) चंपावत जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को संवारेगी। चंपावत जिला अस्पताल के पास की जमीन पर इसका निर्माण किया जाएगा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए ब्रिडकुल (ब्रिज, रोपवे, टनल एंड अदर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) को कार्यदायी एजेंसी नामित किया गया है।
भारत सरकार ने स्थानीय स्तर पर उच्च स्तरीय इलाज देकर मृत्यु दर कम करने के मकसद से उत्तराखंड में चंपावत सहित प्रदेश के अन्य जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक को मंजूरी दी थी। इसके लिए मौजूदा वित्त वर्ष में बजट का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत हर जिले में 50 शैय्यायुक्त सीसीबी-क्रिटिकल विंग बनाई जाएगी। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी ने बताया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए चंपावत जिला अस्पताल के पास 1560 वर्ग मीटर जमीन चयनित की गई है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि भूमि चयन के बाद 16.99 करोड़ रुपये की इस परियोजना को अमली जामा पहनाने के लिए ब्रिडकुल डीपीआर बनाएगा। परियोजना पूरा होने में दो वर्ष लगेंगे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक चंपावत जिले की शिशु जन्म दर और मृत्यु दर प्रदेश की दर से कम है। फिलहाल उत्तराखंड की शिशु जन्म दर 17.10 प्रति एक हजार और मृत्यु दर छह प्रति हजार है जबकि चंपावत जिले की शिशु जन्म दर 16.90 और मृत्यु दर 5.50 प्रति हजार है। संवाद
गंभीर रोगों का इलाज होगा
चंपावत। सीएडी (कोरोनरी धमनी रोग), फेफड़ों की बीमारी सीओपीडी (क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज), स्ट्रॉक, अतिसार और नवजात विकार मरीजों का इलाज इन सीसीबी में किया जाएगा। हर केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर, जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर, नर्स के अलावा सहयोगी स्टाफ तैनात किया जाएगा।
चंपावत के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण के लिए ब्रिडकुल को कार्यदायी एजेंसी बनाया गया है। ये एजेंसी डीपीआर तैयार करेगी। डीपीआर की मंजूरी के बाद आगे का काम होगा।
नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।