नेपाल में हिंसक आंदोलन थमने और सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने के बाद सीमावर्ती कंचनपुर जिले के ब्रह्मदेव मंडी में हालात सामान्य होने लगे हैं। कर्फ्यू में ढील मिलते ही दुकानें खुल गईं और स्थानीय नागरिकों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है।
नेपाल में हिंसक आंदोलन थमने और सुशीला कार्की के प्रधानमंत्री बनने के बाद सीमा से सटे कंचनपुर जिले के ब्रह्मदेव मंडी में भी हालात सामान्य होने लगे है। कंचनपुर जिले में कर्फ्यू में ढील मिलते ही ब्रह्मदेव मंडी में दुकानें खुल गईं और स्थानीय नागरिकों की चहल कदमी शुरू हो गई।
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उच्च स्तर से निर्देश न होने पर एसएसबी की ओर से किसी को भी आने जाने की अनुमति नहीं दी। बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भारतीय दर्शनार्थियों के न पहुंच पाने से बाजार में पहले जैसी रौनक नहीं नजर आई। विदेशी सामान से भरीं अधिकांश दुकानें बंद रहीं। नेपाल में युवाओं के सड़क पर उतरने और हिंसा की घटना का असर नगर से सटे बह्मदेव मंडी पर भी पड़ा। यहां भी स्थानीय स्तर पर प्रदर्शन और बाजार में कुछ जरूरी दुकानों को छोड़कर अन्य बंद हो गए थे। रविवार को सुबह से ही अन्य दिनों से अधिक दुकानें खुल गईं और बाजार में नेपाली नागरिकों की चहल कदमी बढ़ गई।
सिद्धनाथ मंदिर संरक्षण समिति के पूर्व अध्यक्ष नारायण मेहता ने बताया कि बाजार खुल गया है। इधर, एसएसबी की ओर से सतर्कता जारी है। एसएसबी के जवान सीमा क्षेत्र में गश्त करते रहे।