चंपावत में होटलों में जगह नहीं मिलने से भटकते पिथौरागढ़ में हुई फौज की भर्ती में आए अभ्यर्थी।
- फोटो : अमर उजाला
पिथौरागढ़ भर्ती मेले में आए उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के युवकों को रहने, खाने से लेकर वाहन तक के लिए मंगलवार रात घंटों भारी परेशानी झेलनी पड़ी। चंपावत से टनकपुर की तरफ रात सात बजे बाद वाहनों को जाने की अनुमति नहीं देने से यहां अभ्यर्थियों का हुजूम लग गया। बाद में सामाजिक कार्यकर्ता उमेश खर्कवाल सहित कई लोगों के आग्रह पर पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने वाहनों को टनकपुर जाने की इजाजत दी।
पिथौरागढ़ में चल रही भर्ती के लिए आए युवकों की वापसी के लिए मंगलवार को पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो ने 16 अतिरिक्त बसें चलाई थीं। इनमें से काफी बसें अभ्यर्थियों को लेकर चंपावत रात सात बजे बाद पहुंची। इन बसों को आगे नहीं जाने दिया गया। घंटों तक अभ्यर्थी रात काटने के लिए ठिकाने की तलाश में भटकते रहे।
कड़ाके की ठंड के बीच उनके रहने और भोजन की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। बस स्टेशन पर भी रोडवेज की बसों का हुजूम उमड़ गया। नौजवानों की हालत को देख उमेश खर्कवाल ने आवाजाही के नियमों में शिथिलता देने का आग्रह किया जिसके बाद पुलिस ने रात करीब 10 बजे बसों को जाने की अनुमति दी। कोतवाल सलाउद्दीन खान ने बताया कि चालकों का एल्कोमीटर से परीक्षण करने के बाद रोडवेज की 14 बसों और दो टैक्सियों को टनकपुर जाने की अनुमति दी गई।
व्यापार संघ अध्यक्ष ने मुफ्त में भोजन कराया
भर्ती में आए युवकों के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई खास व्यवस्था नहीं की गई थी। कई लोगों ने निजी स्तर से सराहनीय पहल जरूर की। चंपावत व्यापार संघ अध्यक्ष और भोजनालय के स्वामी अमरनाथ सक्टा ने बड़ी संख्या में युवकों को मुफ्त भोजन कराया। इसके अलावा नव निर्वाचित पालिकाध्यक्ष विजय वर्मा ने रैनबसेरा में रहने का बंदोबस्त कराया।