फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आइसोलेशन वार्ड में तब्दील हुए दोनों ट्रॉमा सेंटर

विज्ञापन
आइसोलेशन वार्ड बना है लोहाघाट का यह ट्रॉमा सेंटर। - फोटो : CHAMPAWAT
विज्ञापन
चंपावत। आपात सेवा में उम्दा इलाज देने के लिए चंपावत जिले में बनाए गए दोनों ट्रॉमा सेंटर (आपातकालीन चिकित्सा सुविधा केंद्र) लोगों के किसी काम के नहीं हैं। 2.02 करोड़ रुपये से बने टनकपुर और लोहाघाट के दोनों भवनों का मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। कोरोना काल में इन ट्रॉमा सेंटर को कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। ट्रॉमा सेंटर का संचालन नहीं होने से लोगों को इलाज के लिए 200 किमी दूर हल्द्वानी की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे जिंदगी पर खतरे के अलावा जेब पर भी मार पड़ रही है।
विज्ञापन

टनकपुर और लोहाघाट में 2016 में बने ट्रॉमा सेंटर का उपयोग इलाज के लिए नहीं हो पा रहा है। इसकी वजह दोनों ट्रॉमा सेंटरों में सर्जन, निश्चेतक, न्यूरो सर्जन सहित डॉक्टरों के 12 और पैरा मेडिकल स्टाफ के 21 पदों में से अधिकांश की तैनाती न हो पाना है। ट्रॉमा सेंटर शुरू नहीं होने से लोगों को वक्त पर जिले में इलाज नहीं मिल पा रहा है। अब यह भवन आइसोलेशन वार्ड के रूप में काम आ रहे हैं। इस वक्त लोहाघाट में पांच कोरोना संक्रमित आइसोलेट हैं, जबकि टनकपुर सेंटर में बीते दो हफ्ते से एक भी कोरोना संक्रमित आइसोलेट नहीं है।
फोटो 19 सीपीटी 01पी व 02पी
जिले के किसी भी ट्रॉमा सेंटर में अभी इलाज की सुविधा नहीं है। लोहाघाट ट्रॉमा सेंटर के लिए 33 पदों का सृजन हुआ है, मगर स्टाफ नर्स के अलावा किसी की तैनाती नहीं हुई है। वहीं टनकपुर के ट्रॉमा सेंटर के पदों का सृजन नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. आरपी खंडूरी, सीएमओ, चंपावत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें