टनकपुर (चंपावत)। बूम पार्किंग स्थल की भूमि के मालिकाना हक को लेकर वन और राजस्व विभाग आमने-सामने आ गए हैं। विवाद सुलझाने के लिए प्रशासन की टीम ने बृहस्पतिवार को पार्किंग स्थल के संयुक्त निरीक्षक के लिए पहुंची, लेकिन उच्चाधिकारियों का आदेश न मिलने पर वन विभाग की टीम लौट गई। अलबत्ता राजस्व विभाग की टीम ने सर्वे कर भूमि राजस्व की होने का दावा किया है। वहीं वन विभाग वन भूमि होने के दावे पर अड़ा है। वन अधिकारियों का कहना है कि अब सर्वे ऑफ इंडिया की मदद से भूमि पर मालिकाना हक की स्थिति स्पष्ट कराई जाएगी।
वर्ष 2010 में वन भूमि पर गैर वानिकी कार्य पर हाईकोर्ट की रोक से पूर्णागिरि मेले की व्यवस्था बिगड़ गई थी। इसके चलते 2011 के पूर्णागिरि मेले में न तो वाहन पार्किंग बनी और न ही इसका ठेका नीलाम किया गया, लेकिन 2012 में प्रशासन ने बूम के मौजूदा पार्किंग स्थल की भूमि राजस्व की बताकर वहां पार्किंग स्थल बनाया था। तब से पार्किंग की यह व्यवस्था सुचारु थी। मेले की तैयारी के बीच हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज ने अब पार्किंग स्थल की भूमि को अपनी बताकर ठेके की नीलामी पर आपत्ति लगाई है। इससे प्रशासन के सामने मेले के लिए वाहन पार्किंग व्यवस्था की समस्या है। बृहस्पतिवार को एसडीएम हिमांशु कफल्टिया और एसडीओ वन रामकृष्ण मौर्य के नेतृत्व में राजस्व और वन विभाग की टीम संयुक्त सर्वे के लिए बूम पार्किंग स्थल पहुंची, लेकिन एसडीओ वन ने सर्वे के लिए उच्चाधिकारियों का आदेश न होने बात कह सर्वे में शामिल होने से इंकार कर दिया। बताया कि गजट नोफिकेशन में यह भूमि वन विभाग की है। विभाग के पास वन भूमि होने के पर्याप्त दस्तावेज हैं। इनका प्रशासन और राजस्व विभाग बारीकी से अवलोकन कर सकता है। वहीं राजस्व विभाग ने सर्वे कर भूमि राजस्व विभाग की बताई है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया का कहना है कि पार्किंग स्थल की भूमि हर सर्वेक्षण में राजस्व विभाग की रही है। बहरहाल दोनों ही विभाग भूमि अपनी होने के दावे पर अड़े हैं। वनाधिकारियों का कहना है कि भूमि की मालिकाना स्थिति स्पष्ट करने के लिए अब सर्वे ऑफ इंडिया से सर्वे कराया जाएगा। राजस्व की सर्वे टीम में नायब तहसीलदार पिंकी आर्या, राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पुंडीर, अमर सिंह मंगला आदि थे।
विवाद नहीं सुलझा तो हो सकती है पार्किंग की समस्या
टनकपुर (चंपावत)। बूम पार्किंग स्थल के लिए वन विभाग और राजस्व विभाग का विवाद नहीं सुलझा तो इस बार मां पूर्णागिरि मेले में वाहन पार्किंग की समस्या हो सकती है। मेले में आने वाली बसों, भारी वाहन, ट्रैक्टर ट्रॉलियों को बूम पार्किंग स्थल पर ही रोका जाता है। इसके लिए बाकायदा प्रशासन, जिला पंचायत, मंदिर समिति की संयुक्त मेला समिति पार्किंग का ठेका भी आवंटित करती है। इस बार मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम की ओर से पार्किंग ठेका नीलामी की विज्ञप्ति जारी होते ही वन विभाग ने भूमि को अपनी बताते हुए ठेके की नीलामी पर आपत्ति लगा दी है। ऐसी स्थिति में विवाद नहीं सुलझाया तो इस मेले में वाहन पार्किंग की समस्या हो सकती है। (संवाद)
इनसेट में डबल कोट
संयुक्त सर्वे में वन विभाग शामिल नहीं हुआ। राजस्व विभाग के सर्वे में बूम पार्किंग स्थल की भूमि राजस्व की निकल रही है, लेकिन वन विभाग फिर भी अपनी भूमि होने का दावा कर रहा है, जो गलत है।
- पिंकी आर्या, नायब तहसीलदार, टनकपुर।