चंपावत। जिला अस्पताल में ब्लड बैंक शुरू नहीं किए जाने को लेकर उपजा आक्रोश शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को लगातार तीसरे दिन बड़ी संख्या में मातृ शक्ति ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इससे पहले महिलाओं और पुरुषों ने मोटर स्टेशन से नारेबाजी करते हुए जिला कार्यालय तक जुलूस निकाला। इस दौरान कलक्ट्रेट में जनसभा हुई, इसके बाद डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया, जिसमें जल्द ब्लड बैंक न खुलने पर धरना-प्रदर्शन और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
कलक्ट्रेट पहुंची महिलाओं का कहना था कि चंपावत जिला बने 19 साल पूरे होने को हैं, लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अकाल बना है। चंपावत राज्य का एकमात्र ऐसा जिला है, जहां अब तक ब्लड बैंक की स्थापना नहीं हो सकी है। सोमवार रात जिला मुख्यालय से लगे पवेत गांव की एक महिला की जिला अस्पताल में प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण जान चली गई। इससे पहले भी सरकारी अस्पताल में नौ महिलाओं की प्रसव के दौरान ही अधिक रक्तस्राव होने और समय से खून न मिलने के कारण जान चली गई। ब्लड बैंक का भवन तो बन गया है, लेकिन ब्लड बैंक नहीं बन पाया है।
प्रदर्शन करने वालों में सभासद अनीता प्रहरी, शिवानी अधिकारी, संगीता, आरती सिंह, सरोज पुजारी, लक्ष्मी देवी, देवकी देवी, नीता सक्टा, पार्वती पुनेठा, चंद्रकला कार्की, शिल्पा अधिकारी, गंगा देवी, खीमा देवी, सुमन, कमला कार्की, गीता कार्की, मंजू देवी, मनीषा चौधरी, शांति अधिकारी, नीलम चौधरी, आशा अधिकारी, विमला पुनेठा, सावित्री कार्की, कमला जोशी, पूर्व विधायक केसी पुनेठा, भाजपा जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, गोविंद सामंत, मदन सिंह महर, मुकेश महराना, सनी वर्मा, मयूख चौधरी, नवल जोशी, राजेंद्र बोहरा, कैलाश अधिकारी, प्रदीप भट्ट, मनोज तड़ागी, नीरज जोशी, ललित मोहन भट्ट, कमल रावत, राकेश रावत, संजय कलखुड़िया, दीपक तिवारी, जगदीश पांडेय, कुलदीप खाती, मनोज महरा, अमरनाथ प्रहरी आदि थे।
प्रदर्शनकारियों को जल्द ब्लड बैंक खुलने का आश्वासन देते हुए डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने बताया कि इस संबंध में शासन से प्रतिदिन पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही जिला अस्पताल में ब्लड बैंक अस्तित्व में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से समय-समय पर अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा।
ब्लड बैंक को लेकर सुस्त सरकारी तंत्र अब सक्रिय हो गया है। राज्य मानवाधिकार आयोग की फटकार के बाद शासन से लेकर महानिदेशालय नींद से जागा जरूर, लेकिन काम की गति फिर भी सुस्त रही। 2012 से तैयार ब्लड बैंक भवन में न तो केंद्रीय टीम का मौका मुआयना हो सका और न ही पदों का सृजन हुआ।
सीएमओ डॉ. विनोद टोलिया ने बताया कि जिला स्तर से भी कार्रवाई समय से पूरी कर ली गई थी। मुख्यालय से मांगी गई जानकारी भी वक्त पर दी गई। मुख्यालय की मांग पर ब्लड बैंक का मैप भी विशेष संदेशवाहक के माध्यम से बृहस्पतिवार को भेज दिया गया है। खास बात यह है कि ब्लड बैंक भवन का निर्माण उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कराया, जबकि मैप पेयजल निर्माण निगम के अभियंता बिजेंद्र सुयाल से बनवाया गया।
चंपावत। भाजपा ने स्थानीय विधायक हेमेश खर्कवाल के ब्लड बैंक मामले में धरना देने संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया, नगर अध्यक्ष कैलाश सिंह अधिकारी का कहना है कि विधायक को चार साल तक ब्लड बैंक की याद नहीं आई। विधानसभा चुनाव नजदीक आते देख अब वह धरना देने की बात कह रहे हैं। उनका कहना था कि जनता ने विधायक को इसलिए चुना कि वो विधानसभा में जनहित के मुद्दों को उठाए, लेकिन विधानसभा में कभी भी ब्लड बैंक की मांग नहीं उठाई गई।