टनकपुर (चंपावत)। कोरोना का कहर पहाड़ के गांवों तक पहुंच चुका है, लेकिन कई ऐसे गांव है जहां कोरोना से सुरक्षा भगवान भरोसे हैं। इन गांवों में न तो डॉक्टर है और न ही दवा। टनकपुर तहसील का एक ऐसा ही इलाका है डांडा-ककनई। जहां के लोगों को सरकारी अस्पताल में निशुल्क मिल रही बुखार की दवा पैरासिटामोल लेने के लिए भी 50 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ रही है। जेब पर मार पड़ रही वो अलग। गांव में तैनात फार्मासिस्ट की कहीं ओर कोविड ड्यूटी लगाई गई है। क्षेत्र में एएनएम सेंटर भी है, लेकिन उसमें भी ताला लटका है।
तहसील मुख्यालय टनकपुर से 50 किमी दूर पहाड़ का दुर्गम डांडा, ककनई, बेतलाड़ और लोहारज्यूला इलाके की आबादी करीब दो हजार है। इस क्षेत्र में चिकित्सा की व्यवस्था फार्मासिस्ट और एएनएम के भरोसे रहती है, लेकिन इन दिनों कोरोना महामारी में स्वास्थ्य सेवा का यह सहारा भी छिन गया है। क्षेत्र के समाजसेवी पवन महरा ने बताया कि क्षेत्र में तैनात फार्मासिस्ट को कोविड ड्यूटी में कहीं और तैनात किया गया है। वहीं एएनएम के पास भी डांडा, ककनई के साथ ही चल्थी क्षेत्र का भी चार्ज है। ऐसे में लोगों को एएनएम सेंटर की सुविधा भी ठीक से नहीं मिल पा रही है। कोरोना महामारी के बीच क्षेत्र में कई लोग वायरल से पीड़ित हैं, लेकिन उन्हें दवा देने वाला कोई नहीं है। बुखार की दवा पैरासिटामोल के लिए 38 किमी. दूर टनकपुर की दौड़ लगानी पड़ रही है। वन मार्ग से टनकपुर तक गाड़ियों में आवाजाही होती थी, लेकिन कोविड कर्फ्यू के कारण गाड़ियां चलनी भी बंद हो गई है। (संवाद)
कोविड टीका लगाने से भी वंचित हैं ग्रामीण
डांडा, ककनई, बेतलाड़ क्षेत्र के लोग कोविड टीका लगाने से भी वंचित है। अब तक क्षेत्र के किसी भी व्यक्ति को टीका नहीं लग पाया है। बीडीसी सदस्य अनीता महरा ने एसडीएम को पत्र लिख क्षेत्र में कोविड टीकाकरण कैंप लगाए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षेत्र में लोगों का 50 किमी. दूर टनकपुर आकर टीका लगा पाना संभव नहीं है।
दिल्ली में नौकरी कर रहे पुष्कर को भी है गांव की चिंता
दिल्ली की एक प्राईवेट कंपनी में एकाउंट मैनेजर डांडा-ककनई निवासी पुष्कर सिंह बोहरा भी कोरोना महामारी में गांव में स्वास्थ्य सेवा को लेकर चिंतित हैं। वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को लगातार फोन कर डांडा, ककनई क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा की ओर ध्यान देने का आग्रह कर रहे हैं।
अमर उजाला की कोरोना किट बनी सहारा
कोरोना महामारी में स्वास्थ्य सुविधा से वंचित डांडा, ककनई के लोगों के लिए अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा दी गई की कोराना किट सहारा बनी है। बीडीसी सदस्य अनीता महरा ने कहा कि किट में दिए गए ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर से वायरल पीड़ितों की जांच में सुविधा मिली है।
आज डांडा जाएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम
बीडीसी सदस्य अनीता महरा के आग्रह पर एसडीएम के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। सीएमएस डॉ. एसएस हयांकी ने बताया कि डांडा, ककनई के लोगों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है, जो मंगलवार को वहां जाकर कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग करेगी।