लोहाघाट के विधायक पूरन सिंह फर्त्याल।
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चंपावत। टनकपुर-जौलजीबी (टीजे) मार्ग के दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़ तक) में लोहाघाट के विधायक का स्टैंड अब भाजपा को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इसे लेकर आम आदमी पार्टी व कई अन्य दल भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर तंज कस रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजे पत्र के वायरल होने के बाद ये दल प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस पूरे मसले से भाजपा बैकफुट पर है।
प्रदेश नेतृत्व द्वारा तलब किए जाने के बाद विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने 27 अगस्त को प्रदेश अध्यक्ष के सामने पक्ष रखा था। उन्होंने टीजे मोटर मार्ग के दूसरे पैकेज (चूका से रूपालीगाड़ तक) में लगाए धांधली के आरोपों को दोहराते हुए दो जून को आर्बिटेशन द्वारा ठेकेदार के पक्ष में दिए फैसले के खिलाफ अदालत में अपील करने की थी। साथ ही विधायक ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को भी इस आशय का पत्र भेजा था। विधायक फर्त्याल भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब भी अडिग हैं। कहते हैं कि इस प्रकरण को सितंबर में होने वाले विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा।
इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद विरोधियों के वार से भाजपा ऊहापोह में है। भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मोहन अधिकारी कहते हैं कि विधायक फर्त्याल और प्रदेश सरकार में कोई विरोधाभास नहीं है। दोनों का नजरिया भ्रष्टाचार पर चोट करना है। दूसरी तरफ विरोधी दल इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा के खोखलेपन के रूप में प्रचारित कर रहे हैं।