चंपावत। जिला मुख्यालय में भाजपा के दो पूर्व दिग्गज अपनी पत्नियों को नहीं जिता पाए। दोनों दिग्गजों की पत्नियां चंपावत ब्लाॅक प्रमुख की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। पूर्व भाजपा जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया ने अपनी पत्नी विमला कलखुड़िया को चंपावत ब्लॉक क्षेत्र पंचायत चौड़ाख्याली से चुनाव लड़ाया। वह अपनी पत्नी को जीत नहीं दिला पाए।
भाजपा के हर कार्यक्रम में मुख्य भूमिका में रहने वाले मुकेश कलखुड़िया की पत्नी विमला को 125 मतों से हार का सामना करना पड़ा। यहां विजयी रहे सूरज बिष्ट को 392 मत पड़े। विमला को 267, अशोक सिंह अधिकारी को 177 और गोपाल सिंह को 36 मत मिले। इस हार पर वह भाजपा के लिए सोशल मीडिया पर कुछ सवाल भी छोड़ गए। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि ब्लॉक प्रमुख चंपावत के प्रबल दावेदारों में से एक होना मेरी हार की वजह बनी। भाजपा जिला चंपावत संगठन द्वारा मुझे हराया गया है। इन सवालों के साथ उन्होंने जनता का आभार भी जताया है।
पूर्व ब्लॉक प्रमुख बहादुर फर्त्याल की पत्नी पूर्व ब्लॉक प्रमुख बाराकोट विनीता फर्त्याल ने क्षेत्र पंचायत धौन से दावेदारी पेश की थी। करीबी मुकाबले में आरती भट्ट ने उन्हें तीन मतों से हराया। आरती को 496 और विनीता को 493 मत पड़े। पूर्व ब्लाॅक प्रमुख विनीता ने हार के बाद जनता का आभार जताते हुए फेसबुक पोस्ट पर लिखा क्षेपं सदस्य का चुनाव 57 वोटों के अंतर से जीत चुकी थी लेकिन भाजपा जिलाध्यक्ष ने प्रशासन को अपने कार्यालय में बुलाकर उन्हें तीन वोटों से हराया।
भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष हुए हैं। प्रदेश, जिला, मंडल पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सभी भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को जिताने के लिए ऐड़ी चोटी का जोर लगाया। हार और जीत का फैसला जनता करती है।