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ये है तो लधिया घाटी का सबसे बड़ा अस्पताल, पर यहां ब्लड प्रेशर मशीन मापने की मशीन भी नहीं

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नेपाल सीमा से लगे तामली का डाँक्टर विहीन अस्पताल। - फोटो : AMAR UJALA
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हयात राम, रीठा साहिब (चंपावत)। 15 हजार से अधिक आबादी वाले चंपावत जिले के लधिया घाटी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा बीमार है। यहां के सबसे बड़े चौड़ामेहता (रीठा साहिब) के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) में डेढ़ साल से ब्लड प्रेशर मापने की मशीन (स्फाइगनोमैनो मीटर) तक नहीं है। लधिया घाटी क्षेत्र में रीठा साहिब व भिंगराड़ा एपीएचसी तथा टांण में राजकीय एलोपैथिक डिस्पेंसरी है। मगर इन तीन अस्पतालों में रीठा साहिब को छोड़ कहीं भी डॉक्टर नहीं है। 2016 से डॉक्टर विहीन टांण के डॉक्टर को लोहाघाट संबद्ध किया गया है, जबकि भिंगराड़ा के डॉक्टर पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं। इन अस्पतालों के नजदीक के गांव वालों को इलाज के लिए 63 किमी दूर लोहाघाट जाना पड़ता है। रीठा साहिब में चिकित्सक है, लेकिन बेहद जरूरी बीपी मशीन तक नहीं है। ग्राम प्रधान केएन बिनवाल का कहना है कि इसके चलते लोगों को मामूली इलाज के लिए भी भटकना पड़ रहा है। जिसमें वक्त और परेशानी झेलने के अलावा जेब भी ढीली करनी पड़ रही है। इधर रीठा साहिब की डॉ. छाया बोहरा का कहना है कि बीपी मशीन के लिए मांग की गई है। ---:: सीमांत के अस्पताल के बुरे हाल :: चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तामली एपीएचसी में अप्रैल से डॉक्टर नहीं होने से लोग परेशान है। डॉक्टर के अलावा फार्मेसिस्ट की सेवा भी हफ्ते में तीन दिन ही मिल पा रही है। तल्लादेश के घाटी वाले गांव तामली, चामी, पोलप, रमेला, बिरगोला, रायल, बचकोट, कारी, सिमियां आदि में गर्मी के मौसम में वायरल फीवर का अंदेशा बढ़ जाता है। लोग कोरोना महामारी के बीच वैसे ही सहमे हुए हैं और ऊपर से अस्पताल में इलाज की सुविधा का अभाव है। फार्मेसिस्ट को तामली के साथ ही मंच अस्पताल का भी जिम्मा होने से फार्मेसिस्ट यहां हफ्ते में तीन दिन ही उपलब्ध रहते हैं। बीडीसी सदस्य मनोज जोशी, प्रधान भावना जोशी, देवेंद्र जोशी, भुवन जोशी, चंचल सिंह आदि ने डॉक्टर की तैनाती करने के साथ ही पुख्ता इलाज की व्यवस्था करने की मांग की है। ---:: क्या बोले सीएमओ :: "रीठा साहिब अस्पताल में बीपी मशीन के लिए डिमांड अभी नहीं मिली है। डिमांड आने पर मशीन भेज दी जाएगी। तामली अस्पताल में डॉक्टर को भेजा जा रहा है। वैसे जिले में इस वक्त 107 डॉक्टरों के सापेक्ष सिर्फ 53 ही हैं, जिससे दिक्कत हो रही है। डॉ. आरपी खंडूूरी, सीएमओ, चंपावत।
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रीठासाहिब का अस्पताल भवन। - फोटो : AMAR UJALA
रीठासाहिब का अस्पताल भवन।

टांण अस्पताल भवन। - फोटो : AMAR UJALA
टांण अस्पताल भवन।
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सीएमओ आरपी खंडूरी। - फोटो : AMAR UJALA
सीएमओ आरपी खंडूरी।
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