चंपावत। जिले के दूरस्थ भिंगराड़ा क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) अपना भवन न होने के कारण वर्षों से एएनएम सेंटर के भवन से संचालित हो रहा है। इससे करीब 25 हजार की आबादी को बेहतर इलाज नहीं मिल पाता है। अस्पताल में संसाधनों की कमी बनी हुई है। मरीजों को ओपीडी सेवाओं में भी असुविधा का सामना करना पड़ता है। उन्हें इलाज के लिए 40 से 58 किलोमीटर दूर पाटी, लोहाघाट या चंपावत जाना पड़ता है। क्षेत्रवासी लंबे समय से पीएचसी के लिए भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं।
-प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन एएनएम सेंटर के भवन में हो रहा है। सुविधाओं का सीमित हैं। गर्भवतियों को प्रसव के लिए पाटी, लोहाघाट और चंपावत जाना पड़ता है। जल्द प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाना चाहिए।
हेमलता, स्थानीय ग्रामीण
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-क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। लोगों के लिए परेशानी होती है। खासकर डिलीवरी के मामलों में महिलाओं को दिक्कतें होती है। पीएचसी का अपना भवन नहीं है ऐसे में अस्पताल में आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
दिनेश चंद्र भट्ट, स्थानीय ग्रामीण
-पीएचसी का अपना खुद का भवन नहीं होने से अस्पताल में संसाधनों की कमी बनी हुई है। मरीजों को बेहतर इलाज और ओपीडी सेवाएं नहीं मिल पा रही है। लंबे समय से भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं।
संतोष कुमार, स्थानीय ग्रामीण
पीएचसी भिंगराड़ा के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत भवन निर्माण कार्य और बजट स्वीकृत हो गया है। बजट मिलते ही भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. देवेश चौहान, मुख्य चिकित्साधिकारी, चंपावत