हथरंगिया स्थित हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल हजरत कालू सैय्यद बाबा की मजार पर तीन दिनी उर्स के दूसरे दिन शनिवार को चादरपोशी का जुलूस निकाला गया। जायरीनों ने बाबा की मजार पर देर शाम तक चादरें चढ़ाईं। उर्स में शिरकत करने के लिए विभिन्न स्थानों से जायरीन पहुंच रहे हैं।
शनिवार को बाबा हसमत हुसैन के दौलतखाने से चादरपोशी का जुलूस निकला गया। इसमें बड़ी संख्या में मुस्लिमों के अलावा हिंदू समाज के लोगों ने भी हिस्सा लिया। जुलूस स्टेशन बाजार, खड़ी बाजार, चौक बाजार, मीना बाजार होते हुए हथरंगिया स्थित बाबा की मजार तक निकला।
जुलूस के आगे खटीमा से आए कव्वाल सिराज चिश्ती, अफजाल हुसैन, ताहिर हुसैन, तसलीम आदि ने बाबा की शान में कलाम पेश किए। कव्वाल भर दो झोली मेरी या मोहम्मद, लौट के मैं न जाऊंगा खाली..., दम दम मस्त कलंदर...आदि कव्वालियां गाते चल रहे थे।
उर्स में शिरकत करने के लिए पिथौरागढ़, धारचूला, टनकपुर, खटीमा, पीलीभीत, हल्द्वानी, चंपावत आदि स्थानों से आए जायरीनों ने बारी-बारी से बाबा की मजार पर चादरें चढ़ाईं। इंतजामिया कमेटी ने जायरीनों के लिए लंगर की व्यवस्था की।
इस मौके पर जावेद यार खान, वाल्मीकि समाज के सरपंच हरचरन सिंह, डॉ. योगेश चतुर्वेदी, बल्लू माहरा, जहीर कुरैशी, सलीम हुसैन, रईस हुसैन, जहीर कुरैशी, आमिर हुसैन, दानिश, रहमत हुसैन आदि मौजूद रहे। सुरक्षा का जिम्मा दरोगा हेमंत कठैत, देवेंद्र मेहता के नेतृत्व में पुलिस बल ने संभाला।