पूर्णागिरि मेले की व्यवस्थाओं के ठेके खुली बोली से नीलाम करने की मांग पर अमल न किए जाने से नाराज सभासद दीपक बेलवाल ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने पर्यावरण मित्रों को जरूरी उपकरण देने और कमीशनखोरी बंद किए जाने समेत 20 मांगें उठाई हैं। सभासद ने कहा है कि मांगें पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
पूर्णागिरि मेले की तैयारी बैठक के बाद सभासद दीपक बेलवाल समेत छह सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाओं के ठेकों की नीलामी खुली बोली से करने की मांग उठाई है। पालिका ने विज्ञप्ति जारी कर बाल मुंडन, वाहन पार्किंग, बिजली और तहबाजारी के ठेके की बंद निविदाएं आमंत्रित कर दीं। इससे नाराज सभासद बेलवाल ने बृहस्पतिवार से पालिका कार्यालय गेट पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा कि बंद निविदा से ठेकों की नीलामी में ठेकेदारों की ओर से आपसी सहमति बनाकर निविदा डालने से पालिका को आर्थिक क्षति होती है। खुली बोली में ठेकेदारों में प्रतिस्पर्धा होगी और पालिका को भी फायदा होगा। उनका कहना है कि निर्वाचित होकर आए सभासदों का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा।
सभासद ने ये मांगें भी उठाईं
पर्यावरण मित्रों की संख्या बढ़ाई जाए, अधिकारियों-कर्मचारियों से अधिक समय तक काम न लिया जाए, बोर्ड गठन के बाद हुए निर्माण कार्यों की जांच की जाए, आवारा पशुओं पर अंकुश लगे, बीच बाजार से शराब की दुकानें हटाई जाएं, हटाए गए 24 ठेका कर्मियों को पुन: रखा जाए, क्षतिग्रस्त सड़कों और नालियों की मरम्मत हो, बाजार में उचित स्थानों पर शौचालय बनाए जाएं, कूड़ा डंपिंग जोन शहर से बाहर बनाया जाए, पोलों पर लगी लाइटों की मरम्मत की जाए और कमजोर पोलों को हटाया जाए, मुख्य बाजार को नो पार्किंग जोन बनाया जाए, दुर्घटना के लिए खतरा बने पेड़ों को काटा जाए, हाउस टैक्स की त्रुटियों को दूर किया जाए, बगैर टेंडर निर्माण कार्य न हो, गांधी मैदान का सौंदर्यीकरण कर दो गेटों का निर्माण हो, नगर में लगे हैंडपंपों के पानी की गुणवत्ता जांची जाए, बिजली घर के पास से टनकपुर धर्मकांटे तक नाली निर्माण की जांच हो।