ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) किशोर सिंह रावत के स्थानांतरण और मनरेगा सहायक सुरेश जोशी को पद से हटाने के विरोध में क्षेत्र के पांच ग्राम प्रधानों और दो बीडीसी सदस्य ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
जिलाधिकारी को भेजे इस्तीफे में उन्होंने वीडीओ का स्थानांतरण रद्द करने और मनरेगा सहायक को पद पर बहाल किए जाने की मांग उठाई है। ऐसा न किए जाने पर उनका सामूहिक इस्तीफा मंजूर किए जाने का आग्रह किया है। इस्तीफे की प्रति मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायतीराज अधिकारी और उप जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
वीडीओ और मनरेगा सहायक पर महिला ग्राम प्रधानों से कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगा ग्राम प्रधान संगठन ने आंदोलन की राह पकड़ी थी, जिस पर मंगलवार को खंड विकास अधिकारी शिल्पी पंत ने आरोपी वीडीओ का टनकपुर से चंपावत तहसील में स्थानांतरण कर दिया, जिसके विरोध में अब ग्राम प्रधानों का एक गुट वीडीओ और मनरेगा सहायक के समर्थन में उतर आया है।
बस्तिया के प्रधान नवीन सिंह, मोहनपुर के प्रधान विनोद वर्मा, उचौलीगोठ के प्रधान सुरेश सिंह महर, गैंड़ाखाली की प्रधान कलावती देेवी, थ्वालखेड़ा के प्रधान सतीश पांडेय, नायकगोठ की बीडीसी सदस्य दीपा देवी और मनिहारगोठ के बीडीसी सदस्य कादिर अली ने बुधवार को जिलाधिकारी डा. अहमद इकबाल को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपा है। उन्होंने वीडीओ पर लगे आरोपी की जांच कर दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने और निर्दोष पाए जाने पर आरोप लगाने वाले प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है।