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बेस अस्पताल को मंजूरी मिली, धन नहीं

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चंपावत का वर्तमान जिला अस्पताल। इसे उच्चीकृत कर बेस अस्पताल बनाया जाना है। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। पूरे 65 महीने बीत गए चंपावत के बेस अस्पताल की मंजूरी को मिले, लेकिन अस्पताल की दिशा में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका है। मुख्यमंत्री के एलान के बावजूद एक भी रुपया इसके लिए आज तक नहीं मिल पाया है। इससे बेस अस्पताल के निर्माण को झटका लग रहा है।
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चंपावत जिला अस्पताल को उच्चीकृत कर बेस अस्पताल बनाने की 25 दिसंबर 2014 को तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने घोषणा की थी। 10 अप्रैल 2015 को बेस अस्पताल को शासन ने हरी झंडी भी दी। लेकिन इसके बाद से यह पूरा मामला ठंडे बस्ते में है। धन नहीं मिलने से काम शुरू नहीं हो सका है। कार्यदाई संस्था उत्तराखंड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम (सीएनडीएस) ने पहले चरण के काम के लिए 276.70 लाख रुपये का आगणन बनाया, लेकिन यह रकम आज तक नहीं मिल सकी। जबकि सीएमओ से लेकर डीएम तक कई बार बजट के लिए शासन को पत्र भेज चुके हैं।
बेस अस्पताल में मिलती हैं ये सुविधाएं
चंपावत। बेस अस्पताल में इलाज की अधिक और बेहतर सुविधा होती हैं। जिला अस्पताल में 60 बेड हैं। बेस अस्पताल में ये बढ़कर 300 हो जाएंगे। अति विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती होगी। साथ ही एमआरआई, सीटी स्कैन सहित कई उच्च स्तरीय परीक्षण की सुविधाएं भी मिलेंगी। इन सुविधाओं के लिए मरीजों को इस वक्त हल्द्वानी या दूसरे स्थानों में जाने को मजबूर होना पड़ता है। ब्यूरो
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कोट
चंपावत के बेस अस्पताल के लिए बजट मंजूर करवाने को लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जिलाधिकारी के स्तर से भी पत्र भेजा गया है। धन मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
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डॉ. आरपी खंडूरी,
सीएमओ, चंपावत।
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