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कम सीडीआर पर बैंकों को लगी फटकार

Tue, 09 Aug 2016 10:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत।
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चंपावत। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने जमा-लोन अनुपात (सीडीआर) में बढ़ोतरी न होने पर बैंकों को फटकार लगाई है। मंगलवार को जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्वय (डीएलआरसी) समिति की बैठक में उन्होंने सीडीआर को बढ़ाने के लिए कार्यनीति पेश करने के निर्देश दिए। सरकारी योजनाओं में लंबित लोन प्रस्तावों का समय से निस्तारण करने को कहा।
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लीड बैंक प्रबंधक (एलडीएम) आनंद सिंह रावत ने बताया कि जिले का सीडीआर 28.94 प्रतिशत है जबकि यह 40 प्रतिशत के करीब होना चाहिए। एसबीआई, पीएनबी सहित पांच बैंकों का अनुपात जिले के औसत अनुपात से कम है। अगर ये सीडीआर औसत अनुपात के बराबर आने पर इसमें तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकेगी। सीडीआर बढ़ाने के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में विशेष उप समिति का गठन किया गया है।

सीडीआर, कृषि सेवा, लघु उद्योग के क्षेत्र में कम लक्ष्य को आगामी त्रैमासिक में पूरा करने को कहा गया। सीडीओ हरगोविंद भट्ट ने बैंकर्स और कृषि विभाग से कहा कि केसीसी के तहत जिले के लिए निर्धारित लक्ष्य पूरा करें। बैठक में सीएओ आरएल चंद्रवाल, पीडी केएन तिवारी, डीएचओ हरीश तिवारी, डीएसडब्ल्यूओ पीसी जोशी, उद्योग एजीएम जीबी जोशी समेत बैंकों के प्रबंधक मौजूद थे।
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चंपावत। राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना के तहत 18 फार्म भेजे गए थे। जिनमें से आठ को कर्ज दिया जा चुका है और 10 की कार्रवाई पूरी की जा रही है। एससीपी के तहत विभिन्न बैंकों को 21 फार्म भेजे गए हैं। इनमें से 15 मंजूर हुए। पीएम रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत उद्योग केंद्र ने एक भी फार्म नहीं दिया है। उद्योग के एजीएम जीबी जोशी ने बताया कि फार्म ऑनलाइन भरे जाएंगे। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली योजना में बैंकों को भेजे गए सात फार्मों में से छह में कर्ज दिया जा चुका है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना में बैंकों को भेजे 16 आवेदन पत्रों में से 11 मंजूर किए गए हैं। किसान क्रेडिट कार्डों में 7350 के सापेक्ष 1174 को कर्ज दिया गया है। सीएओ आरएल चंद्रवाल ने बताया कि इस वर्ष जिले में 10 हजार नए केसीसी बनाने का लक्ष्य है। नाबार्ड के डीडीएम पुुनीत नागर ने कहा कि पांच साल पूरा होने पर केसीसी का नवीनीकरण जरूरी है। इसके बगैर इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।
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