चंपावत में डीएलएआरसी की बैठक में मौजूद डीएम और अन्य अधिकारी।
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चंपावत। डीएम विनीत तोमर ने सभी बैंक और सरकारी विभागों से आपस में समन्वय स्थापित कर जिले में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए। बुधवार को हुई जिला स्तरीय पुनरीक्षण समन्यव समिति (डीएलआरसी) की बैठक में उन्होंने जिले में बैंकिंग सुविधाओं के साथ ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों की और बैंकों की जितनी भी योजनाएं जिले में संचालित है, उनकी शत प्रतिशत लक्ष्य की पूर्ति कर लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दें। उन्होंने वित्तीय वर्ष में जिले में ऋण जमा अनुपात की बैंकवार समीक्षा की। बैठक के दौरान एलडीएम एसी जोशी ने बताया कि ऋण वितरण में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 250 का लक्ष्य था, जिसमें 611 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 312 आवेदन स्वीकृत हुए, जिसके सापेक्ष 254 वितरित हुए, 121 आवेदन वापस हुए, 178 लंबित हैं। दीनदयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत छह आवेदन प्राप्त हुए जिसके सापेक्ष तीन आवेदन स्वीकृत हुए। दुग्ध संघ के दुग्ध उत्पादकों के केसीसी वितरण में 3033 आवेदन प्राप्त हुए, इनमें 1809 आवेदन स्वीकृत किए गए जबकि 1224 लंबित हैं।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले बैंकर्स को सम्मानित किया
चंपावत। बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2020-21 में उत्कृष्ट एवं सराहनीय योगदान देने के लिए बैंकर्स को सम्मानित किया गया। इसमें शाखा प्रबंधक पीडीसीबी बनबसा ममता रावत, एसबीआई लोहाघाट के नरेंद्र कुमार, पीएनबी चंपावत के सीकेएस ऐठानी, यूजीबी लोहाघाट के अमोल वासे, नैनीताल बैंक भिंगराड़ा के चंद्रशेखर तिवारी, मुख्य प्रबंधक एसबीआई जनार्दन चिलकोटी, डीसीबी के मनोहर सिंह भंडारी और ग्रामीण बैंक केएन शर्मा को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। (संवाद)