लोहाघाट के नाकोट के बांस के उत्पादों को डीएम को प्रस्तुत करते ग्रामीण। स्रोत : सूचना विभाग
चंपावत। लोहाघाट के नाकोट क्षेत्र में बांस से बने हस्तशिल्प उत्पादों के प्रचार-प्रसार और संरक्षण की पहल शुरू की गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक कला दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
सोमवार को जिला सभागार में नाकोट ग्राम सभा के लोगों ने अपने हाथों से बनाए बांस उत्पाद डीएम मनीष कुमार के सामने प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि गांव के लगभग 25 से 30 कारीगर इस पारंपरिक कला को जीवित रखे हुए हैं। डीएम ने कहा कि इन उत्पादों की खरीद से न केवल स्थानीय कारीगरों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि पुरानी और समृद्ध कला का संरक्षण भी सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने आम जनता और अधिकारियों से बांस हस्तशिल्प उत्पादों को खरीद कर इस पहल को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने पर्यटन अधिकारी कीर्ति चंद को सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे बांस की खेती को बढ़ावा देने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। वहां पर अनिल कुमार, भवान, जगदीश, गिरीश, दीवान आदि ग्रामीण मौजूद रहे।