लधिया नदी में बहने वाला खिरद्वारी गांव का वनरावत शेर सिंह।
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे पोथ ग्राम पंचायत में खिरद्वारी गांव का एक वनरावत लधिया नदी के तेज बहाव में बह गया। परिजनों और आसपास के लोगों द्वारा खोजबीन करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। यह वनरावत काम के बाद अपने घर खिरद्वारी वापस जा रहा था।
लधिया नदी में शनिवार को वनरावत शेर सिंह (45) पुत्र लाल सिंह बह गया। मजदूर शेर सिंह काम निपटाकर लोडियालसेरा गांव से अपने घर खिरद्वारी लौट रहा था। दोनों गांवों के बीच में लधिया नदी पड़ती है। शुक्रवार से दो दिन तक हुई तेज बारिश से का जल स्तर बढ़ने से लधिया नदी उफान पर थी। ग्राम प्रधान सचिन बोहरा और उप प्रधान जीत सिंह ने बताया कि शेर सिंह का बैग और तीन किलो घी का डिब्बा मिल गया है, मगर तमाम खोजबीन के बावजूद उनका कोई पता नहीं चल सका है। शेर सिंह के परिवार में बुजुर्ग मां, पत्नी और तीन बच्चे हैं। होली के पर्व के मौके पर हुई इस वारदात से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ठुलीगाड़ के थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में रविवार को पुलिस टीम मौके मुआयने पर पहुंची, लेकिन कोई खैर-खबर नहीं लग सकी। ग्रामीणों ने लोडियालसेरा और खिरद्वारी गांव के बीच पैदल पुल की मांग की है।