चंपावत। जिले में पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में कार्य कर रही पुणे की बाएफ डेवलपमेंट रिसर्च फाउंडेशन (बाएफ) संस्था की ओर से नरसिंहडांडा गांव में सोलर वाटर पंप लगाने करने में सफलता प्राप्त की है। राष्ठ्रीय कृषि ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से लगाए गए पंप की लागत एक लाख 12 हजार रुपये आई है।
इसमें दो हॉर्स पावर के दो-दो सोलर पैनल लगाए गए हैं, जो करीब 150 मीटर नीचे से पानी को लिफ्ट कर पेयजल संकट का सामना कर रहे ग्रामीणों को राहत पहुंचा रहे हैं। बाएफ के परियोजना प्रभारी डॉ. दिनेश रतूड़ी ने बताया कि बेहद ऊंचाई में स्थित होने के कारण नरसिंहडांडा गांव में पानी की गंभीर समस्या को देखते हुए पहली बार प्रायोगिक तौर पर सोलर वाटर पंप की स्थापना की गई है। इनसे दस एलपीएम पानी मिल हो रहा है।
भूमिगत पानी के भंडारण के लिए पांच हजार लीटर का टैंक बनाया गया है। इस सोलर पंप में इनवर्टर नहीं लगाया गया है। जिस कारण यह केवल धूप आने पर ही संचालित होता है। सोलर वाटर पंप से नरसिंहडांडा के 11 परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है। जिन्हें न सिर्फ पीने का पर्याप्त पानी मिल रहा है। वहीं ग्रामीणों को सिंचाई सुविधा के लिए भी पानी मिल रहा है। सोलर वाटर पंप को प्रतिदिन दो बार चला कर पानी का भंडारण किया जाता है। (संवाद)
समिति की ओर से किया जाएगा योजना का रखरखाव
चंपावत। नरसिंहडांडा में सोलर वाटर पंप योजना के रखरखाव के लिए समिति का गठन किया गया है। लाभान्वित होने वाले परिवारों की ओर से श्रमदान के माध्यम से मुख्य टैंक से अन्य टैंकों तक पानी पहुंचाने के लिए लाइन बिछाने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीण महेश राम, अनीता देवी आदि का कहना है कि वाटर पंप लगने के बाद से उन्हें काफी राहत मिल रही है। (संवाद)
जलवायु परिवर्तन अभियान के तहत सफल रहा प्रयोग
चंपावत। बाएफ के परियोजना प्रभारी डॉ.दिनेश रतूड़ी ने बताया कि संस्था की ओर से जलवायु परिवर्तन अभियान के तहत किया गया वाटर पंप का प्रयोग सफल रहा है। वाटर पंप के संचालन में बिजली आदि नहीं लगने से यह पर्यावरण संरक्षण में भी मददगार साबित हो रहा है। (संवाद)
चंपावत जिले के नरसिंहडांडा गांव में लगाया गया सोलर वाटर पंप।- फोटो : CHAMPAWAT