सुमधुर स्वर, गीतों के जरिए कुमाऊं में धमाल मचा चुकी बेबी प्रियंका ने मुंबई में भी भी अपनी कला से धमाल मचाया है। कच्ची दारू बोतल चलीगै हमर पहाड़ मां..आदि लोक गीतों के माध्यम से वह युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दे रही हैं।
मुंबई के हिमालय पर्वतीय संघ रंगीलो पहाड़ संस्था की ओर से बीते दिनों आयोजित कार्यक्रम में बेबी प्रियंका ने ‘धन मेरो पहाड़, मायालो पहाड़’ कुमांऊनी गीत और ‘ओ साहिबा जियो मेरो लगेगे तेरी कुमौं गढ मां’ गढ़वाली गीत की शानदार प्रस्तुति दी। प्रियंका ने कुमाऊंनी और गढ़वाली गीतों के माध्यम से पहाड़ों की लोक संस्कृति, लोककला को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने के साथ ही इन्हें सुर कोकिला के खिताब से नवाजा है।
पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमेश पोखरियाल निशंक ने जौनसार में आयोजित बिस्सू महोत्सव में 42 प्रमुख लोक गायकों के बीच बेबी प्रियंका को सुर मल्लिका का खिताब दिया था। प्रियंका 25 दिसंबर से नैनीताल महोत्सव में भी अपने सुर का जादू बिखेरेंगी। वह राजकीय पीजी कॉलेज छात्रसंघ की उपाध्यक्ष भी हैं।