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अनदेखी से आहत बीएड, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षित अभ्यर्थी

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बीएड, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त टीईटी उत्तीर्ण संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बो? - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। 2020-21 की राजकीय प्रारंभिक शिक्षक भर्ती परीक्षा में बीएड, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों को वरीयता नहीं देने से बीएड, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त टीईटी उत्तीर्ण संगठन खफा है। संगठन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह बोहरा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बीएड, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों की योग्यता विभागीय डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंटरी एजुकेशन) के समान होने के बावजूद दोनों श्रेणियों के अभ्यर्थियों में अंतर किया गया है।
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संगठन ने इसे लेकर शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेज न्याय की गुहार लगाई है। साथ ही ऐसा नहीं होने पर अदालत का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी गई है। संगठन ने कहा कि बीएड प्रशिक्षण प्राप्त अभ्यर्थियों ने प्राथमिक शिक्षक के रूप में नियुक्ति के लिए सरकार द्वारा निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम किया है। साथ ही ब्रिज कोर्स भी एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद) की ओर से मान्य है। संगठन ने कहा कि उत्तराखंड में 245 से अधिक युवा ऐसे हैं, जिन्होंने बीए, ब्रिज कोर्स प्रशिक्षण प्राप्त टीईटी उत्तीर्ण पास की है। लेकिन पात्रता के बावजूद उन्हें प्राथमिक शिक्षक की विज्ञप्ति में वरीयता नहीं दी जा रही है। बता दें कि नवंबर 2020 में चंपावत जिले की 67 सहित पूरे प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 800 से अधिक पदों की विज्ञप्ति निकाली गई थी।
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