टनकपुर तहसील सभागार में आयोजित आपदा प्रबंधन बैठक में मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मी।
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उपजिलाधिकारी ने बाढ़ की संभावनाओं के तहत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को बिना अनुमति के कार्यालय नही छोड़ने, आपदा के दौरान बचाव उपकरण और राहत सामग्री का पूर्ण भंडारण करने के निर्देश दिए। आपदा प्रबंधन बैठक में सभी विभागों को बरसात तक अलर्ट रहने को कहा गया।
तहसील सभागार में शनिवार को हुई इस बैठक में एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल ने कहा बरसात तक उनकी अनुमति के बिना अधिकारी, कर्मचारी अपने कार्यालय न छोड़े। कहा कि आपदा बचाव और राहत कार्यों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मियों पर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बाढ़ के दौरान बचाव उपकरण, प्राथमिक उपचार व्यवस्था, राहत सामग्री, खाद्यान्न की उचित व्यवस्था हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए।
बाढ़ या जलभराव की सूचना पर आपदा प्रबंधन दल के साथ पुलिस को भी मौके पर पहुंचने, संवेदनशील क्षेत्रों में वायरलैस केंद्र स्थापित करने को भी कहा गया। लोनिवि को सड़क किनारे जेसीबी के साथ ही निर्माण सामग्रियों को तैयार रखने के लिए निर्देशित किया गया। टनकपुर के शारदा घाट, बाटनागाढ़, किरोड़ा नाला और बनबसा में शारदा तट के अलावा हुड्डीनदी तट पर राहत सामग्री, बचाव उपकरणों के अलावा पर्याप्त जल पुलिस तैराकों की व्यवस्था करने को कहा गया। इस मौके पर तहसीलदार पूनम पंत, कोतवाल अरुण कुमार वर्मा, एनएचपीसी के प्रबंधक एनएम गुप्ता, नगरपालिका के ईओ जयवीर सिंह राठी, सिंचाई विभाग के अभियंता, आरके यादव, लोनिवि के विभोर गुप्ता, पूर्ती विभाग के भुवन राय, वन दरोगा रमेश चंद्र और महेश सिंह आदि मौजूद थे।