टनकपुर (चंपावत)। कोरोना काल मेें सरकारी दफ्तरों में भीड़ न हो इसके लिए ऑनलाइन काम शुरू किया गया है, लेकिन इसके लिए भी लोगों को दफ्तरों के कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। संवाद न्यूज एजेंसी ने बुधवार को एआरटीओ कार्यालय के कामकाज का जायजा लिया तो पता चला कि काम के लिए लोगों को कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के आवेदकों को झेलनी पड़ रही है।
संवाद टीम सुबह सवा दस बजे एआरटीओ कार्यालय पहुंची। कार्यालय खुला था और कर्मचारी भी अपने टेबल पर काम संभाल चुके थे, लेकिन कामकाज की शुरुआत नहीं हुई थी। खटीमा, चंपावत, लोहाघाट के कई लोग कर्मचारियों के काम शुरू करने की प्रतीक्षा कर रहे थे। कंप्यूटर आदि को सैनिटाइज करने के बाद करीब साढ़े दस बजे से कर्मचारियों ने कामकाज शुरू किया। वाहन चेकिंग के बाद एआरटीओ रश्मि भट्ट करीब 11:30 बजे कार्यालय पहुंची। काम के लिए लाइन में खड़े ज्यादातर लोग डीएल के आवेदक थे, जो आवेदन के लंबे समय बाद भी स्लॉट डेट (कार्यालय में उपस्थित होने की तिथि) न मिलने के कारण परेशान थे। एआरटीओ रश्मि ने बताया कि कोरोना काल में ऑनलाइन आवेदन के बाद स्लॉट डेट देकर सिर्फ 40 आवेदकों को कार्यालय बुलाया जा रहा है। आवेदकों को मोबाइल फोन पर भी स्लॉट डेट दी जा रही है। इसके बावजूद लोग बगैर डेट मिले ही यहां आकर परेशान हो रहे हैं। बताया कि 20 जून से 31 अगस्त तक 1745 लर्निंग लाइसेंस और 586 लोगों के डीएल बनाकर 625 डीएल के नवीनीकरण किए गए।
रैधाव चंपावत के दीवान सिंह डीएल बनाने आए थे। उनका डीएल खो गया है। इस कारण डीएल की दूसरी प्रति चाहिए, लेकिन पूरे दिन इंतजार के बाद भी उसे डीएल की दूसरी प्रति नहीं मिल पाई। अब उसे एक दिन और टनकपुर में रुकना पड़ रहा है।
श्रीपुरबिचुवा खटीमा से डीएल बनाने आए संतोष चंद ने बताया कि वह एक माह पहले ऑनलाइन आवेदन कर चुका है। स्लॉट डेट के लिए वह एआरटीओ कार्यालय के कई चक्कर लगा चुका है, लेकिन डीएल नहीं बना।
खटीमा से डीएल बनवाने आए देवराज चंद ने बताया कि एक पहले ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी उसे स्लॉट डेट नहीं दी गई है। इसके लिए वह कई लोगों से मिल चुका है। इसके बावजूद उसे डीएल नहीं मिल सका है।
पहनिया खटीमा के राजेंद्रनाथ गोस्वामी भी डीएल के लिए एआरटीओ कार्यालय के कई चक्कर काट चुका है। राजेंद्र ने बताया कि एक माह पहले आवेदन किया था, लेकिन उसे भी स्लॉट डेट नहीं मिल पाई है।